जांजगीर में 11-13 जाज्वल्यदेव लोक महोत्सव और एग्रीटेक कृषि मेला–2026, दिलीप षडंगी, आरू साहू और बॉलीवुड सिंगर इशिता विश्वकर्मा की धमाकेदार प्रस्तुति!

जांजगीर-चांपा / जिले के शासकीय हाई स्कूल मैदान, जांजगीर में 11, 12 और 13 फरवरी 2026 को जाज्वल्यदेव लोक महोत्सव एवं एग्रीटेक कृषि मेला–2026 का भव्य आयोजन किया जाएगा। तीन दिवसीय कार्यक्रम में स्कूली छात्र-छात्राओं, लोक कलाकारों, कवियों और किसानों के लिए विशेष कार्यक्रम होंगे।
इस दौरान कृषक संगोष्ठी, कृषि यंत्रों का प्रदर्शन, पशु प्रदर्शनी और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आयोजन किया जाएगा।
कार्यक्रम का विवरण
11 फरवरी 2026 प्रातः 10:00 बजे: कृषि विज्ञान केंद्र, जांजगीर में किसान सम्मेलन और खेती-किसानी कार्यक्रम का शुभारंभ। 11:00 बजे: कृषक संगोष्ठी में आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी। दोपहर 3:30–6:00 बजे: हाई स्कूल मैदान में स्कूली छात्र-छात्राओं की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां। शाम 6:00–8:00 बजे: स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुति। रात्रि 8:00 बजे: प्रसिद्ध छत्तीसगढ़ी लोक गायक दिलीप षडंगी की लाइव प्रस्तुति।
12 फरवरी 2026 प्रातः 10:00 बजे: कृषक संगोष्ठी, किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक और लाभकारी फसलों की जानकारी। दोपहर 3:30–5:30 बजे: स्कूली छात्रों के सांस्कृतिक कार्यक्रम। शाम 6:00–8:00 बजे: लोक कलाकारों की प्रस्तुति। रात्रि 8:00 बजे: अखिल भारतीय कवि सम्मेलन, जिसमें शशिकांत यादव (मध्य प्रदेश), डॉ. आदित्य जैन (राजस्थान), गौरव चौहान (उत्तर प्रदेश), अमित शुक्ला (मध्य प्रदेश), प्रीति पाण्डेय (उत्तर प्रदेश), अभिषेक पाण्डेय (छत्तीसगढ़), मीर अली मीर (छत्तीसगढ़), बंशीधर मिश्रा (छत्तीसगढ़) भाग लेंगे।
13 फरवरी 2026 प्रातः 10:00 बजे: कृषि यंत्रों का लाइव प्रदर्शन और पशु प्रदर्शनी। दोपहर 3:30–5:00 बजे: स्कूली छात्रों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां। शाम 5:00–6:00 बजे: स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुति। शाम 6:00–8:00 बजे: छत्तीसगढ़ी पारंपरिक लोक गायिका आरू साहू का लाइव प्रदर्शन। रात्रि 8:00 बजे: सारेगामा विजेता और बॉलीवुड सिंगर इशिता विश्वकर्मा का शानदार संगीत कार्यक्रम।
विशेष आकर्षण
- लोक संगीत और लोक संस्कृति का जीवंत अनुभव।
- बच्चों और किसानों के लिए विशेष शिक्षा एवं जानकारी।
- कृषि यंत्रों का प्रैक्टिकल प्रदर्शन और पशु प्रदर्शनी।
- कवि सम्मेलन और लाइव संगीत से भरपूर सांस्कृतिक रंग।
इस महोत्सव में भाग लेकर आप छत्तीसगढ़ की लोक कला, संस्कृति और आधुनिक कृषि तकनीक का आनंद उठा सकते हैं।





