
फॉस्टर केयर से जुड़े बच्चे
जांजगीर-चांपा / कलेक्टर जन्मेजय महोबे के निर्देशन एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी अनीता अग्रवाल के मार्गदर्शन में जिले की बाल देखरेख संस्था में निवासरत बच्चों को परिवार आधारित संरक्षण उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में अब तक कुल 17 बच्चों को पालन-पोषण देखरेख (फॉस्टर केयर) परिवारों से जोड़ा जा चुका है।
जिला बाल संरक्षण अधिकारी गजेन्द्र सिंह जायसवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले में संचालित बाल देखरेख संस्था में संरक्षण प्राप्त एक बालिका को नियमानुसार अस्थायी आदेश के तहत जिला कोरबा के पालन-पोषण देखरेख परिवार को सुपुर्द किया गया है। संबंधित परिवार द्वारा पालन-पोषण हेतु आवेदन जिला बाल संरक्षण अधिकारी दुर्ग को प्रस्तुत किया गया था, जिसे नियमानुसार जांजगीर-चांपा जिले में स्थानांतरित किया गया।
परिवार द्वारा प्रस्तुत सभी आवश्यक दस्तावेजों—नवीनतम फोटोग्राफ, आधार कार्ड, जन्मतिथि प्रमाण पत्र (कक्षा दसवीं), मेडिकल रिपोर्ट, निवास प्रमाण पत्र, विवाह प्रमाण पत्र, प्रतिष्ठित व्यक्तियों के संदर्भ पत्र, पुलिस सत्यापन, आय प्रमाण पत्र (टीडीएस) एवं पैन कार्ड—का गहन परीक्षण किया गया। दस्तावेज सही पाए जाने के बाद बालिका एवं परिवार के बीच मैचिंग प्रक्रिया संपन्न कराई गई।
मैचिंग के दौरान बालिका द्वारा परिवार के साथ रहने की इच्छा व्यक्त की गई तथा परिवार द्वारा भी बालिका के पालन-पोषण एवं देखरेख की सहमति दी गई। इसके पश्चात बाल कल्याण समिति द्वारा संस्था में संरक्षण प्राप्त 01 बालिका को पालन-पोषण देखरेख परिवार को सौंपने का आदेश पारित किया गया।
इस पूरी प्रक्रिया में बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष गणेश प्रसाद शर्मा, सदस्य देव प्रसाद बर्मन, तपोधन सिंह सिसोदिया, अनुराधा शुक्ला एवं आरती यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही। साथ ही प्रभारी संरक्षण अधिकारी (गैर-संस्थागत देखरेख) ज्योति मिश्रा, परामर्शदाता प्रजेश कुमार शर्मा, सामाजिक कार्यकर्ता पुष्पेन्द्र कुमार मरकाम, परियोजना समन्वयक चाइल्ड हेल्पलाइन विष्णु कुमार श्रीवास, सहायक सह कंप्यूटर ऑपरेटर खगेश कुमार पटेल, आउटरीच वर्कर शिवनंदन सिंह मरकाम, सविता साव तथा फॉस्टर केयर – सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन अल्टरनेटिव केयर (इंडिया), जिला बाल संरक्षण इकाई बिलासपुर (छत्तीसगढ़) का विशेष सहयोग रहा।
जिला प्रशासन द्वारा बच्चों को सुरक्षित, स्नेहमय एवं पारिवारिक वातावरण उपलब्ध कराने हेतु फॉस्टर केयर योजना को प्रभावी रूप से लागू किया जा रहा है, जिससे बच्चों के सर्वांगीण विकास को बढ़ावा मिल सके।





