छत्तीसगढ़

SAKTI NEWS: आधी रात धान खरीदी केंद्र पर छापा, मिट्टी-कंकड़ मिलाकर वजन बढ़ाने का खेल उजागर

कलेक्टर के निर्देश पर अधिकारियों की रात-दिन निगरानी, मचा हड़कंप

सक्ती / खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत जिले में जारी धान खरीदी अपने अंतिम और सबसे संवेदनशील चरण में पहुंच चुकी है। इसे ध्यान में रखते हुए शासन एवं जिला प्रशासन ने धान खरीदी प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनियमितता या भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस नीति** अपनाई है।

कलेक्टर अमृत विकास तोपनो के सख्त निर्देशों के बाद प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। धान खरीदी से जुड़े अधिकारी-कर्मचारी दिन-रात किसी भी समय औचक निरीक्षण कर रहे हैं। इसी क्रम में कलेक्टर के निर्देशन में जिला पंचायत सीईओ एवं धान खरीदी नोडल अधिकारी वासु जैन ने आधी रात धान खरीदी केंद्रों का निरीक्षण किया, जिससे केंद्रों में हड़कंप मच गया।

9426 बोरा धान कम, भौतिक सत्यापन में बड़ा खुलासा

डभरा विकासखंड अंतर्गत धान खरीदी केंद्र पुटीडीह में भौतिक सत्यापन के दौरान मौके पर 23,294 बोरा धान पाया गया, जबकि ऑनलाइन पोर्टल में दर्ज आंकड़ों की तुलना में 9426 बोरा धान कम पाया गया। निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि धान का वजन बढ़ाने के लिए बोरियों में मिट्टी और कंकड़ मिलाए जा रहे थे।

मौके पर पहुंची जिला स्तरीय टीम, तत्काल कार्रवाई

गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए कलेक्टर के निर्देश पर नोडल अधिकारी वासु जैन, एसडीएम डभरा विनय कश्यप सहित जिला स्तरीय जांच टीम की मौजूदगी में तत्काल कार्रवाई की गई। लगभग रात 1 बजे तहसीलदार मनमोहन ठाकुर, जिला खाद्य विभाग की टीम एवं स्थानीय प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और पंचनामा तैयार कर धान को विधिवत जप्त किया गया।

प्रथम दृष्टया जांच में यह तथ्य सामने आया कि धान की कमी छिपाने के लिए हमालों के माध्यम से पहले से खरीदी गई बोरियों में मिट्टी-कंकड़ मिलाकर मात्रा पूरी करने का प्रयास किया जा रहा था, जिसे रात्रिकालीन गश्त के दौरान पकड़ लिया गया।

कलेक्टर की सख्त चेतावनी

कलेक्टर अमृत विकास तोपनो ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि धान खरीदी का यह अंतिम चरण अत्यंत संवेदनशील है। सभी अधिकारी एवं कर्मचारी पूरी ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें। उन्होंने दो टूक कहा कि शासन के पैसों से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ बिना किसी पूर्व चेतावनी के कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी, और आवश्यकता पड़ने पर दोषियों को जेल भेजने से भी प्रशासन पीछे नहीं हटेगा।

जिला प्रशासन द्वारा धान खरीदी पर 24 घंटे सतत निगरानी रखी जा रही है और अवैध धान एवं अनियमितताओं के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी है।

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