CG RERA की बड़ी कार्रवाई: भ्रामक विज्ञापन मामले में बिलासपुर की ‘फॉर्च्यून एलिमेंट्स’ परियोजना पर 10 लाख रुपये का जुर्माना
भ्रामक प्रचार पर सख्ती, प्रमोटर को हाउसिंग प्रोजेक्ट का अलग से पंजीयन कराने का निर्देश

रायपुर । छत्तीसगढ़ भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (सीजीरेरा) ने रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कड़ी कार्रवाई करते हुए बिलासपुर के बोदरी स्थित ‘फॉर्च्यून एलिमेंट्स’ परियोजना के प्रवर्तक पवन अग्रवाल पर 10 लाख रुपये का आर्थिक दंड अधिरोपित किया है।
प्राधिकरण की जांच में पाया गया कि उक्त परियोजना का पंजीयन एक प्लॉटेड प्रोजेक्ट के रूप में किया गया था, जबकि विभिन्न माध्यमों—प्रिंट और डिजिटल विज्ञापनों—में इसे हाउसिंग परियोजना के रूप में प्रचारित किया जा रहा था। यह प्रचार पंजीकृत विवरण के विपरीत एवं भ्रामक पाया गया।
क्या कहता है रेरा अधिनियम?
Real Estate (Regulation and Development) Act, 2016 (रेरा अधिनियम) की धारा 7 के अनुसार यदि कोई प्रवर्तक अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करता है या परियोजना से संबंधित गलत जानकारी प्रस्तुत करता है, तो प्राधिकरण परियोजना के पंजीयन के विरुद्ध कार्रवाई कर सकता है। इसमें पंजीयन निरस्तीकरण जैसे कड़े कदम भी शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त, धारा 14 के तहत यह अनिवार्य है कि परियोजना का विकास एवं प्रचार उसी योजना, ले-आउट और विनिर्देश के अनुरूप हो, जो पंजीयन के समय स्वीकृत किए गए हों।
सीजीरेरा का सख्त संदेश
प्राधिकरण ने इस उल्लंघन को गंभीर मानते हुए 10 लाख रुपये का दंड लगाया है और निर्देश दिया है कि यदि परियोजना का कोई भाग हाउसिंग स्वरूप में विकसित किया जा रहा है, तो उसका विधिवत अलग से पंजीयन कराया जाए।
सीजीरेरा ने स्पष्ट किया है कि वह राज्यभर में रियल एस्टेट परियोजनाओं के विज्ञापनों की सतत निगरानी कर रहा है। किसी भी प्रकार के भ्रामक या पंजीकृत विवरण के विपरीत प्रचार पाए जाने पर संबंधित प्रवर्तकों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
प्रवर्तकों के लिए निर्देश
प्राधिकरण ने सभी रियल एस्टेट प्रमोटरों को निर्देशित किया है कि वे विज्ञापन एवं प्रचार सामग्री में केवल पंजीकृत जानकारी का ही उपयोग करें और रेरा अधिनियम के सभी प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करें।





