छत्तीसगढ़

International Women’s Day 2026: जांजगीर-चांपा में संघर्ष से सफलता तक की कहानियों को मिलेगा मंच, 6 मार्च तक भेजें आत्मकथा

जांजगीर-चांपा | जिले की उन महिलाओं के लिए सुनहरा अवसर सामने आया है जिन्होंने जीवन की कठिन राहों को पार कर सफलता की नई इबारत लिखी है। महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला जांजगीर-चांपा द्वारा अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2026 के अवसर पर जिला स्तरीय भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में विशेष रूप से उन महिलाओं को सम्मानित किया जाएगा, जिन्होंने विषम परिस्थितियों के बावजूद अपने लक्ष्य को हासिल किया और समाज में प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया।

इस अवसर पर विभाग ने ऐसी संघर्षशील और सफल महिलाओं की संक्षिप्त आत्मकथा/कहानी के रूप में प्रतिवेदन 06 मार्च 2026 तक आमंत्रित किए हैं।

क्यों खास है यह पहल?

हर साल 8 मार्च को मनाया जाने वाला International Women’s Day महिलाओं की उपलब्धियों और अधिकारों को समर्पित दिन है। जांजगीर-चांपा जिले में इस वर्ष इसे और खास बनाने की तैयारी है।

इस पहल का उद्देश्य है:

  • संघर्ष कर आगे बढ़ी महिलाओं को सम्मान देना
  • समाज में महिला सशक्तिकरण की प्रेरणा फैलाना
  • नई पीढ़ी की बेटियों को प्रेरित करना
  • स्थानीय स्तर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को पहचान दिलाना

किन महिलाओं को मिलेगा सम्मान?

विभाग द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, ऐसी महिलाओं का चयन किया जाएगा जिन्होंने आर्थिक, सामाजिक या पारिवारिक कठिनाइयों का सामना किया हो, विपरीत परिस्थितियों में भी अपने लक्ष्य से पीछे न हटी हों, शिक्षा, सामाजिक सेवा, व्यवसाय, कृषि, खेल, कला या अन्य क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की हो, समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य किया हो यह सम्मान केवल उपलब्धि के लिए नहीं, बल्कि संघर्ष की प्रेरणादायक यात्रा के लिए दिया जाएगा।

कैसे भेजें प्रतिवेदन?

इच्छुक अभ्यर्थी या संबंधित महिला की ओर से निम्न जानकारी के साथ प्रतिवेदन जमा कर सकते हैं:

✔️ महिला का नाम, पता एवं संपर्क विवरण
✔️ संक्षिप्त जीवन परिचय
✔️ संघर्ष की कहानी (आत्मकथा के रूप में)
✔️ उपलब्धियों का उल्लेख
✔️ यदि संभव हो तो फोटो एवं दस्तावेज

प्रतिवेदन जमा करने का स्थान:
कार्यालय जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला जांजगीर-चांपा

अंतिम तिथि: 06 मार्च 2026

अधिक जानकारी के लिए कार्यालय से सीधे संपर्क किया जा सकता है।

जांजगीर-चांपा की महिलाओं के लिए बड़ा मंच

जांजगीर-चांपा जिले में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की कई महिलाएं आज आत्मनिर्भरता की मिसाल बन रही हैं। चाहे स्व-सहायता समूहों के माध्यम से आर्थिक सशक्तिकरण हो, शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन हो, या सामाजिक बदलाव की पहल—जिले की महिलाएं निरंतर आगे बढ़ रही हैं।

यह कार्यक्रम उन्हें न केवल सम्मान देगा, बल्कि उनके संघर्ष को एक पहचान और मंच भी प्रदान करेगा।

महिला सशक्तिकरण की दिशा में मजबूत कदम

महिला एवं बाल विकास विभाग की यह पहल स्थानीय स्तर पर महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने की दिशा में एक मजबूत कदम मानी जा रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि जब समाज में संघर्ष की कहानियां सामने आती हैं, तो वे केवल एक व्यक्ति की उपलब्धि नहीं रहतीं, बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणा बन जाती हैं।

इस आयोजन के माध्यम से प्रशासन यह संदेश देना चाहता है कि —
“हर संघर्ष की कहानी सम्मान के योग्य है।”

यदि आपके आसपास भी कोई ऐसी महिला है जिसकी कहानी समाज को प्रेरित कर सकती है, तो देर न करें।
06 मार्च 2026 तक उनका प्रतिवेदन अवश्य जमा करें।

यह केवल एक सम्मान नहीं, बल्कि संघर्ष को सलाम करने की पहल है।

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