पाकिस्तान से आई सीमा हैदर ने बेटे का नाम रखा ‘भारत’, कहा – हिंदू होने पर गर्व..

नामकरण संस्कार में जताई खुशी और भारत के प्रति प्रेम
पाकिस्तान से भारत आई सीमा हैदर एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार वजह उनके नवजात बेटे का नाम है, जिसे उन्होंने बेहद खास अंदाज में ‘भारत’ रखा है। नोएडा के रबूपुरा स्थित उनके घर पर गुरुवार को आयोजित नामकरण संस्कार के दौरान यह फैसला लिया गया। इस मौके पर सीमा ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए भारत और हिंदू धर्म को लेकर कई भावुक बातें भी कहीं।
नामकरण समारोह के दौरान पंडित द्वारा निकाले गए अक्षर ‘भ’ से नाम रखने की परंपरा के अनुसार सीमा और उनके पति सचिन मीणा ने काफी विचार-विमर्श किया। अंत में दोनों ने मिलकर अपने बेटे का नाम ‘भारत’ रखने का निर्णय लिया। सीमा ने कहा कि इस नाम से सुंदर और कोई नाम हो ही नहीं सकता।
सीमा हैदर ने इस अवसर पर भारत के प्रति अपना लगाव भी खुलकर व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उन्हें हिंदू धर्म बहुत सुंदर लगता है और अब उन्हें इस पहचान पर गर्व महसूस होता है। उन्होंने यह भी बताया कि क्रिकेट मैच के दौरान वह हमेशा भारतीय टीम का समर्थन करती हैं और भारत की जीत के लिए भगवान से प्रार्थना करती हैं। जब भारत जीतता है, तो उन्हें बेहद खुशी होती है।
उन्होंने भारत के लोगों की सराहना करते हुए कहा कि यहां हर जाति और वर्ग के लोग मिल-जुलकर रहते हैं और उन्हें भी अपनापन और सम्मान मिला है। सीमा ने कहा कि लोग उन्हें परिवार का हिस्सा मानते हैं और इसी वजह से वह अब कभी पाकिस्तान वापस नहीं जाना चाहतीं।
जानकारी के मुताबिक, यह सीमा हैदर का छठा बच्चा है। उनके बेटे का जन्म 18 फरवरी 2026 को नोएडा के एक अस्पताल में हुआ था। इससे पहले भी वह एक बेटी को जन्म दे चुकी हैं। सीमा के चार बच्चे उनके पहले पति गुलाम हैदर से हैं, जबकि सचिन मीणा से यह उनका दूसरा बच्चा है।
सीमा हैदर और सचिन मीणा की कहानी साल 2023 से लगातार सुर्खियों में बनी हुई है। दोनों की मुलाकात ऑनलाइन गेम PUBG के जरिए हुई थी, जिसके बाद यह रिश्ता आगे बढ़ा। मार्च 2023 में नेपाल में उनकी पहली मुलाकात हुई, जहां उन्होंने शादी करने का दावा किया। बाद में सीमा भारत आकर सचिन के साथ रहने लगीं।
आज के समय में यह जोड़ी सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय है और इनके यूट्यूब चैनल पर लाखों लोग जुड़े हुए हैं। सीमा का कहना है कि भारत आकर उन्हें सुकून और खुशी मिली है, और उन्हें अपने फैसले पर कोई पछतावा नहीं है।





