छत्तीसगढ़

मनरेगा में बड़ा घोटाला, तकनीकी सहायक बर्खास्त

मनरेगा में 19.28 लाख की अनियमितता

सक्ती / मनरेगा कार्यों में अनियमितता पाए जाने पर जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर अमृत विकास तोपनो के निर्देशन में जिला पंचायत सीईओ वासु जैन ने तकनीकी सहायक संजय धीरहे की सेवा समाप्त कर दी है।

जांच में सामने आई बड़ी गड़बड़ी

दरअसल, 7 जनवरी 2026 को एक दैनिक समाचार पत्र में “मनरेगा में 19.28 लाख की अनियमितता, काम शून्य, भुगतान पूरा” शीर्षक से खबर प्रकाशित हुई थी। इसके बाद जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए।

जांच के दौरान ग्राम पंचायत गोबरा (जनपद पंचायत डभरा) में वर्ष 2023 में स्वीकृत कार्यों— शाखा नहर निर्माण, छुहीपाली माइनर का पुनरुद्धार, सिंघरा वितरक कार्य का मौके पर सत्यापन किया गया।

जांच में पाया गया कि संबंधित कार्य जमीन पर किए ही नहीं गए थे, लेकिन भुगतान पूरा कर दिया गया था।

नोटिस के बाद भी नहीं मिला संतोषजनक जवाब

प्रशासन द्वारा तकनीकी सहायक संजय धीरहे को नोटिस जारी कर 15 दिन के भीतर जवाब मांगा गया। इसके बाद अंतिम अवसर देते हुए कारण बताओ नोटिस भी दिया गया।

अपने जवाब में संजय धीरहे ने कार्य नहीं होने की बात स्वीकार की साथ ही गलत मूल्यांकन किए जाने की भी पुष्टि हुई।

सेवा समाप्त करने का आदेश

मामले को गंभीर वित्तीय अनियमितता और लापरवाही मानते हुए छत्तीसगढ़ संविदा सेवा भर्ती नियम 2012 के तहत तकनीकी सहायक की सेवा समाप्त कर दी गई है।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मनरेगा जैसे जनहितकारी योजनाओं में लापरवाही और भ्रष्टाचार किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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