छत्तीसगढ़

Chhattisgarh: मक्के की आड़ में अफीम की खेती, भाजपा नेता सस्पेंड, मौके पर भूपेश बघेल भी पहुंचे

दुर्ग / छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के समोदा गांव में अवैध अफीम की खेती का सनसनीखेज मामला सामने आया है। सूचना पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मणिशंकर चंद्रा के नेतृत्व में जेवरा-सिरसा चौकी पुलिस और एसीसीयू टीम ने छापेमारी कर खेत को कब्जे में ले लिया। प्रारंभिक जांच में लगभग एक एकड़ में अफीम की खेती का पता चला था, लेकिन अब इसकी सीमा करीब 9 एकड़ तक फैलने की आशंका जताई जा रही है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर अभिजीत सिंह भी मौके पर पहुंचे। जांच में पता चला कि मक्का की फसल के बीच अफीम के पौधे छिपाकर उगाए गए थे।

मुख्य आरोपी और पूछताछ

पुलिस ने बीजेपी नेता विनायक ताम्रकार, उनके भाई विकास ताम्रकार, और राजस्थान से आए विकास विश्नोई से पूछताछ शुरू कर दी है। जबकि मुख्य आरोपी अचला राम जाट की तलाश में पुलिस टीम जोधपुर रवाना हुई है।

पुलिस ने करीब 9 एकड़ खेत को सील कर दिया है। अफीम के पौधों को तुड़वाकर उनका वजन कराया जाएगा। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार इस खेत में करोड़ों रुपए मूल्य की अफीम हो सकती है। जांच में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की टीम भी शामिल होगी और शनिवार को घटनास्थल का निरीक्षण करेगी।

बिना लाइसेंस अफीम की खेती अपराध

विशेष लोक अभियोजक एनडीपीएस प्रकाश शर्मा ने बताया कि भारत में अफीम की खेती पूरी तरह नियंत्रित और लाइसेंस आधारित होती है। इसके लिए केंद्रीय नारकोटिक्स विभाग से अनुमति लेना अनिवार्य है। यह केवल मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के अधिसूचित क्षेत्रों में ही उगाई जा सकती है।

बिना लाइसेंस अफीम की खेती NDPS एक्ट 1985 की धारा 19 के तहत गंभीर और गैर-जमानती अपराध है।

अधिकारियों की मौजूदगी में जांच

एएसपी मणिशंकर चंद्रा ने कहा कि विनायक ताम्रकार का दावा है कि खेत उसका नहीं है। इसलिए तहसीलदार, आरआई और पटवारी को मौके पर बुलाया गया। राजस्व अधिकारियों की मौजूदगी में खेत का निरीक्षण कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। दुर्ग जिले में यह अवैध अफीम खेती का पहला मामला सामने आया है।

कैसे हुआ खुलासा

होली के लिए समोदा गांव के कुछ लड़के जंगल में लकड़ी लेने गए थे। इसी दौरान उन्होंने मक्का के खेत के बीच अफीम की फसल देखी। गोल-गोल फलों को देखकर उन्होंने उत्सुकतावश कुछ फल घर ले आए। अगले दिन जब फल तोड़े गए, तब गांव के सरपंच को इसकी जानकारी हुई। सरपंच ने गूगल में फल की पहचान की और पता चला कि यह अफीम का फल है। होली के दिन ही उन्होंने थाना में सूचना दी। पुलिस जांच और नारकोटिक्स परीक्षण के बाद अवैध खेती की पुष्टि हुई।

राजस्थान से आए मजदूर

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि इलाके में राजस्थान से मजदूर बुलाकर कपास, मक्का और बाजरा की खेती कराई जाती है। जानकारी के अनुसार, समोदा निवासी विनायक ताम्रकार ने मजदूरों को काम पर लगाया था।

बीजेपी ने किया सस्पेंड

मामले के सामने आने के बाद बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव ने कार्रवाई करते हुए विनायक ताम्रकार को पार्टी से सस्पेंड कर दिया।

कांग्रेस नेता भूपेश बघेल पहुंचे घटनास्थल

बीते 6 मार्च को लिखित शिकायत के आधार पर पुलिस और प्रशासन की टीम समोदा स्थित फार्महाउस पहुंची, जहां 9 एकड़ में अवैध अफीम खेती पाई गई।

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मामले के सामने आने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ घटनास्थल पहुंचे। निरीक्षण के बाद सियासी हलचल और तेज हो गई है।

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