कलेक्टर महोबे ने शिवरीनारायण व खरौद में जल आवर्धन योजना का किया निरीक्षण, धीमी प्रगति पर ठेकेदार को फटकार

जांजगीर-चांपा कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने शिवरीनारायण और खरौद में जल आवर्धन योजना का निरीक्षण किया। धीमी प्रगति पर ठेकेदार को फटकार लगाई और कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।
जांजगीर-चांपा, 10 अप्रैल 2026। जिले में पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और नागरिकों को स्वच्छ व नियमित जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने शिवरीनारायण और खरौद क्षेत्र में चल रही जल आवर्धन योजनाओं का स्थल निरीक्षण किया।

यह निरीक्षण मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशानुरूप संचालित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा के तहत किया गया। कलेक्टर ने निर्माणाधीन कार्यों की स्थिति, गुणवत्ता और समय-सीमा का बारीकी से अवलोकन किया।
महानदी से जल आपूर्ति की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बताया कि जल आवर्धन योजना पूर्ण होने के बाद शिवरीनारायण और खरौद क्षेत्र में महानदी से शुद्ध एवं नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। इससे क्षेत्र के हजारों नागरिकों को लाभ मिलेगा।
निर्माण कार्यों की प्रगति का निरीक्षण
कलेक्टर ने ओवरहेड टैंक निर्माण, पाइपलाइन विस्तार, जल स्रोत से कनेक्टिविटी और अन्य तकनीकी कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित समय सीमा में और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूरे किए जाएं।
खरौद में धीमी प्रगति पर नाराजगी
खरौद क्षेत्र में जल आवर्धन योजना के कार्य की धीमी गति पर कलेक्टर ने ठेकेदार के प्रति कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कार्य में तुरंत गति लाई जाए, अन्यथा नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने दो टूक कहा कि विकास कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण
कलेक्टर ने जल जीवन मिशन के अंतर्गत पामगढ़ समूह जल प्रदाय योजना के तहत निर्माणाधीन वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का भी निरीक्षण किया।
उन्होंने संयंत्र की कार्यप्रणाली, निर्माण गुणवत्ता और प्रगति का विस्तृत जायजा लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
सतत मॉनिटरिंग के निर्देश
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और किसी भी प्रकार की बाधा को तुरंत दूर कर कार्यों में तेजी लाई जाए। उन्होंने कहा कि जिले में सभी निर्माण कार्यों की सतत निगरानी की जा रही है और समय पर गुणवत्तापूर्ण कार्य पूर्ण करना सर्वोच्च प्राथमिकता है।





