छत्तीसगढ़

निर्माण कार्यों में गड़बड़ी: उप अभियंता धनंजय सिंह चन्द्रा निलंबित

5 निर्माण कार्यों का बिना पूरा हुए ही कर दिया मूल्यांकन, कलेक्टर के निर्देश पर जिला पंचायत सीईओ ने की कार्रवाई

सक्ती / जिले में निर्माण कार्यों में अनियमितता पाए जाने पर बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की गई है। ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के उप अभियंता धनंजय सिंह चन्द्रा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

यह कार्रवाई कलेक्टर अमृत विकास तोपनो के निर्देशन में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी वासु जैन द्वारा जांच प्रतिवेदन के आधार पर की गई।

जांच में सामने आई बड़ी गड़बड़ी

प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्रामीण यांत्रिकी सेवा उपसंभाग जैजैपुर के अंतर्गत विभिन्न निर्माण कार्यों के मूल्यांकन में अनियमितता की शिकायत मिलने के बाद जांच कराई गई।

प्रमुख अभियंता ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, विकास आयुक्त कार्यालय के माध्यम से प्रकरण प्राप्त होने के बाद कार्यपालन अभियंता ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग सक्ती द्वारा जांच दल का गठन किया गया।

बिना काम पूरा हुए कर दिया मूल्यांकन

जांच में पाया गया कि उप अभियंता धनंजय सिंह चन्द्रा ने कुल 5 निर्माण कार्यों का मूल्यांकन बिना कार्य पूर्ण हुए ही प्रस्तुत कर दिया था। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं —

  • सीसी रोड निर्माण — राजू पेटर के घर से बोरेई नदी की ओर, ग्राम बरेकेलखुर्द
  • सीसी रोड निर्माण — पटेल गौटिया के घर से महमाया चौक की ओर, ग्राम पंचायत खजुरानी
  • सीसी रोड निर्माण — सुमित्रा के घर से आगे की ओर, ग्राम पंचायत पिसौद
  • शासकीय प्राथमिक शाला रीवाडीह में शौचालय निर्माण
  • शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला रीवाडीह में शौचालय निर्माण

जांच के बाद संबंधित निर्माण एजेंसी द्वारा इन कार्यों को पूर्ण कराया गया।

जवाब भी नहीं माना गया संतोषजनक

इस मामले में उप अभियंता को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया था। 12 मार्च 2026 को दिए गए जवाब में उन्होंने लिखा कि वास्तविक स्वीकृत माप दर्ज कर ढलाई कराने से सरपंच को होने वाली हानि से बचाने के उद्देश्य से ऐसा किया गया था।

लेकिन अधिकारियों ने इसे विधिसम्मत नहीं माना और जवाब को असंतोषजनक बताया।

तत्काल प्रभाव से निलंबन

जांच में प्रथम दृष्टया गंभीर अनियमितता पाए जाने पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम 9 के तहत धनंजय सिंह चन्द्रा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग सक्ती निर्धारित किया गया है तथा उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा।

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