जांजगीर-चांपा में फाइलेरिया उन्मूलन अभियान तेज: कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने खुद दवा खाकर दिया जागरूकता संदेश, 28 फरवरी 2026 तक चलेगा MDA अभियान

जांजगीर-चांपा, 23 फरवरी 2026। राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत जांजगीर-चांपा जिले में सामूहिक दवा सेवन (Mass Drug Administration – MDA) अभियान तेज गति से चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने कलेक्टोरेट कार्यालय में स्वयं फाइलेरिया की दवा खाकर नागरिकों को जागरूकता का संदेश दिया।

अभियान के दौरान अपर कलेक्टर ज्ञानेंद्र सिंह सहित अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी दवा का सेवन कर लोगों से इस जनस्वास्थ्य कार्यक्रम में भागीदारी की अपील की।
28 फरवरी 2026 तक घर-घर पहुंच रही स्वास्थ्य टीम
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने जानकारी दी कि जिले में लक्ष्य जनसंख्या के विरुद्ध 90 प्रतिशत से अधिक पात्र व्यक्तियों को दवा सेवन कराया जा चुका है। शत-प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित करने के लिए सामूहिक दवा सेवन की अवधि 28 फरवरी 2026 तक बढ़ा दी गई है।
स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर फाइलेरिया रोधी दवा खिला रही हैं। नागरिकों से अपील की गई है कि स्वास्थ्य कार्यकर्ता जब घर पहुंचे तो स्वयं भी दवा लें और परिवार के सभी पात्र सदस्यों को दवा अवश्य खिलाएं।
कलेक्टर की अपील: अफवाहों से बचें, अभियान को जनआंदोलन बनाएं
कलेक्टर ने कहा कि फाइलेरिया उन्मूलन एक सामूहिक जिम्मेदारी है। किसी भी प्रकार की भ्रांति या अफवाह पर ध्यान न दें। उन्होंने जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, मितानिनों और स्वास्थ्य अमले से अभियान को जनआंदोलन का रूप देने की अपील की।
क्या है फाइलेरिया? कैसे फैलता है?
फाइलेरिया एक परजीवी जनित रोग है, जो संक्रमित मच्छरों के माध्यम से फैलता है। समय पर दवा सेवन से इस बीमारी की रोकथाम संभव है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार:
- दवा पूर्णतः सुरक्षित है
- प्रशिक्षित स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की निगरानी में दी जा रही है
- गर्भवती महिलाओं, गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों और दो वर्ष से कम आयु के बच्चों को दवा नहीं दी जाती
क्यों जरूरी है MDA (Mass Drug Administration)?
- फाइलेरिया उन्मूलन का राष्ट्रीय लक्ष्य
- भविष्य में गंभीर जटिलताओं से बचाव
- समुदाय स्तर पर संक्रमण की रोकथाम
- स्वस्थ और सुरक्षित जिला बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम





