छत्तीसगढ़ में फिल्म सिटी और सेंसर बोर्ड की मांग, गिरधारी यादव ने केंद्र-राज्य सरकार को लिखा पत्र

छत्तीसगढ़ी फिल्म उद्योग के विकास के लिए लेखक-निर्देशक गिरधारी यादव ने फिल्म सिटी, सीजी सेंसर बोर्ड और फिल्म रजिस्ट्रेशन संस्थाओं के गठन की मांग की है।
जांजगीर-चांपा/ छत्तीसगढ़ी फिल्म उद्योग, कला और कलाकारों के विकास को लेकर छत्तीसगढ़ी फिल्म लेखक-निर्देशक गिरधारी यादव ने केंद्र और राज्य सरकार का ध्यान आकर्षित किया है। उन्होंने छत्तीसगढ़ में फिल्म सिटी निर्माण, सीजी फिल्म सेंसर बोर्ड और फिल्म रजिस्ट्रेशन से जुड़ी संस्थाओं के गठन की मांग को लेकर केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव, केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखा है।
यादव ने अपने पत्र में कहा है कि छत्तीसगढ़ में फिल्म निर्माण का इतिहास राज्य गठन से पहले का है। छत्तीसगढ़ी भाषा की पहली फिल्म ‘कहि देबे संदेश’ के निर्माण से क्षेत्रीय सिनेमा की शुरुआत हुई थी। वर्ष 2000 में छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद छत्तीसगढ़ी फिल्मों के निर्माण का सिलसिला लगातार आगे बढ़ा है।
फिल्म सिटी नहीं होने से निर्माताओं को परेशानी
गिरधारी यादव के अनुसार, राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम का गठन किया है, लेकिन केवल निगम के गठन से फिल्म उद्योग का अपेक्षित विकास संभव नहीं है। फिल्म निर्माण के लिए जरूरी सुविधाओं और संसाधनों की कमी के कारण स्थानीय फिल्म निर्माताओं और कलाकारों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने छत्तीसगढ़ में आधुनिक सुविधाओं से युक्त फिल्म सिटी के निर्माण की आवश्यकता बताई है, ताकि स्थानीय स्तर पर फिल्म निर्माण को बढ़ावा मिल सके और कलाकारों को बेहतर अवसर मिलें।
सेंसर प्रमाणन के लिए मुंबई जाना पड़ता है
पत्र में फिल्म प्रमाणन से जुड़ी समस्याओं का भी उल्लेख किया गया है। गिरधारी यादव ने कहा कि छत्तीसगढ़ में स्थानीय स्तर पर सेंसर प्रमाणन की व्यवस्था नहीं होने के कारण फिल्म निर्माताओं को अपनी फिल्मों के प्रमाणन के लिए मुंबई का रुख करना पड़ता है। इससे समय और आर्थिक खर्च दोनों बढ़ जाते हैं।
इसके साथ ही उन्होंने फिल्म लेखकों और निर्माताओं के पंजीयन तथा फिल्म स्क्रिप्ट के कॉपीराइट से जुड़ी सुविधाएं राज्य में उपलब्ध कराने की मांग की है।
इन संस्थाओं के गठन की मांग
गिरधारी यादव ने छत्तीसगढ़ के क्षेत्रीय फिल्म उद्योग को मजबूत करने के लिए राज्य में आवश्यक बजट उपलब्ध कराने के साथ इन संस्थाओं के गठन की मांग की है—
- छत्तीसगढ़ फिल्म सिटी
- सीजी फिल्म सेंसर बोर्ड
- सीजी राइटर्स एसोसिएशन
- सीजी फिल्म प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन
- फिल्म रजिस्ट्रेशन बोर्ड
उनका कहना है कि इन व्यवस्थाओं के बनने से छत्तीसगढ़ी फिल्म उद्योग को संस्थागत मजबूती मिलेगी और स्थानीय कलाकारों, लेखकों, निर्देशकों एवं निर्माताओं को बेहतर अवसर प्राप्त होंगे।
पत्र की प्रतिलिपि छत्तीसगढ़ के संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल तथा फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष मोना सेन को भी भेजी गई है।





