
मोतिहारी शराबकांड
मोतिहारी / बिहार के मोतिहारी में जहरीली शराब का एक और दर्दनाक मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके में दहशत और आक्रोश फैला दिया है। पूर्वी चंपारण जिला के रघुनाथपुर थाना क्षेत्र के बालगंगा गांव से शुरू हुए इस कांड में अब तक 5 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 15 से अधिक लोग गंभीर हालत में अस्पतालों में भर्ती हैं।
कैसे सामने आया मामला
घटना का खुलासा तब हुआ जब बालगंगा निवासी एक व्यक्ति की अचानक तबीयत बिगड़ गई और उसकी आंखों की रोशनी कम होने लगी। इलाज के दौरान डॉक्टरों को शक हुआ कि यह जहरीली शराब का मामला है। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई और धीरे-धीरे पूरे कांड की परतें खुलने लगीं।
बताया जा रहा है कि इस घटना की पहली मौत गुरुवार सुबह हुई थी, लेकिन परिजनों ने बिना सूचना दिए अंतिम संस्कार कर दिया, जिससे मामला शुरू में दबा रहा। बाद में अन्य मौतों और बीमार लोगों के सामने आने के बाद स्थिति गंभीर हो गई।
मृतकों की पहचान
इस जहरीली शराब कांड में जान गंवाने वालों में चंदू कुमार, प्रमोद यादव, परीक्षण मांझी, हीरालाल भगत और संपत साह शामिल हैं। सभी अलग-अलग गांवों के निवासी थे और कथित तौर पर एक ही स्रोत से शराब पी थी।
अस्पतालों में भर्ती मरीजों की हालत
घटना में घायल 15 लोगों का इलाज विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है, जिनमें से कुछ की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है।
- 6 लोगों की आंखों की रोशनी हमेशा के लिए चली गई
- 2 मरीज वेंटिलेटर पर हैं
- कई मरीजों को कोमा और फेफड़ों से जुड़ी गंभीर समस्याएं
डॉक्टरों के अनुसार, शराब में मिथाइल अल्कोहल की मिलावट के कारण ऐसी गंभीर स्थितियां पैदा हो रही हैं। इलाज में एंटीडोट और डायलिसिस का सहारा लिया जा रहा है, लेकिन रिकवरी मुश्किल बताई जा रही है।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब तक 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस का दावा है कि शराब तस्करों की पूरी चेन का खुलासा कर लिया गया है और आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
साथ ही लापरवाही के आरोप में संबंधित थाना प्रभारी (SHO) को सस्पेंड कर दिया गया है, जबकि एक चौकीदार को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि जहरीली शराब की सप्लाई कहां से हो रही थी।
सियासी बयानबाजी तेज
इस घटना के बाद बिहार में शराबबंदी कानून पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। तेजस्वी यादव ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि राज्य में शराबबंदी पूरी तरह विफल हो चुकी है और अब तक 1300 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।
वहीं, बिहार सरकार की ओर से विजय सिन्हा ने कहा कि सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बड़ा सवाल
यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि शराबबंदी के बावजूद अवैध शराब का कारोबार कैसे फल-फूल रहा है और आम लोगों की जान क्यों जा रही है।





