Helth
छत्तीसगढ़ में बढ़ती गर्मी का कहर: हीटवेव से बचाव के लिए एडवाइजरी जारी, जानिए जरूरी सावधानियां
दोपहर 12 से 3 बजे तक धूप से बचने की सलाह, पर्याप्त पानी और हल्का भोजन लेने पर जोर

जांजगीर-चांपा / प्रदेश में लगातार बढ़ते तापमान और संभावित हीटवेव (ताप लहर) को देखते हुए अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं, नगर सेना और नागरिक सुरक्षा छत्तीसगढ़ द्वारा आम नागरिकों के लिए सुरक्षा दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और जरूरी सावधानियां अपनाने की अपील की है।
जिला सेनानी एवं जिला अग्निशमन अधिकारी ने बताया कि हीटवेव के दौरान सबसे अधिक खतरा दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच रहता है। इस समय अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए। यदि बाहर जाना जरूरी हो तो सिर को ढककर, छाता या टोपी का उपयोग कर ही निकलें।
हीटवेव से बचाव के लिए जरूरी उपाय
- नियमित अंतराल पर पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें, भले ही प्यास न लगे
- बाहर जाते समय पानी की बोतल साथ रखें
- हल्के रंग के ढीले और सूती कपड़े पहनें
- धूप में निकलते समय सनग्लास, छाता या टोपी का उपयोग करें
- अधिक मेहनत वाले काम धूप में करने से बचें
- सिर को गीले कपड़े से ढककर रखें (जरूरत पड़ने पर)
क्या खाएं, क्या न खाएं
- हल्का और सुपाच्य भोजन लें
- पानी से भरपूर फल जैसे खरबूजा, ककड़ी, तरबूज और खट्टे फल का सेवन करें
- नींबू पानी, छाछ और ताजे जूस का सेवन करें
- मांस और अधिक प्रोटीन वाले खाद्य पदार्थों से परहेज करें
- बासी और बाहर का खाना खाने से बचें
घर और परिवार की सुरक्षा
- घर को ठंडा रखने के लिए पर्दे, शटर या सनशेड का उपयोग करें
- रात में खिड़कियां खोलकर वेंटिलेशन बनाए रखें
- बच्चों और पालतू जानवरों को खड़ी गाड़ियों में अकेला न छोड़ें
- पशुओं को छाया और पर्याप्त पानी उपलब्ध कराएं
हीट स्ट्रोक के लक्षण दिखें तो क्या करें
- व्यक्ति को तुरंत ठंडी या छायादार जगह पर लिटाएं
- पैरों को हल्का ऊपर उठाकर रखें
- गीले कपड़े से शरीर पोंछें या ठंडा पानी डालें
- ओआरएस, नींबू पानी या नमक-चीनी का घोल दें
- यदि व्यक्ति बेहोश है तो कुछ भी खाने-पीने को न दें
- एक घंटे में सुधार न हो तो तुरंत अस्पताल ले जाएं
प्रशासन की अपील
स्थानीय मौसम पूर्वानुमान पर नजर रखें और किसी भी प्रकार की कमजोरी, चक्कर या बेहोशी की स्थिति में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें या नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र जाएं।
