कांग्रेस विधायक बालेश्वर साहू को मिली जमानत, जिला जेल से रिहा

जांजगीर-चांपा। जैजैपुर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक बालेश्वर साहू को सत्र न्यायालय से जमानत मिलने के बाद बुधवार को जिला जेल खोखरा से रिहा कर दिया गया। विधायक की रिहाई की खबर मिलते ही जेल परिसर में समर्थकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों के साथ पटाखे फोड़कर खुशी जाहिर की।
जेल से बाहर आने के बाद विधायक बालेश्वर साहू सीधे बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के पास पहुंचे, जहां उन्होंने माल्यार्पण कर संविधान के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की।
50 हजार के मुचलके पर मिली जमानत
विधायक के वकील राजेश पाण्डेय ने बताया कि सेशन कोर्ट के आदेश पर 50 हजार रुपए का मुचलका जमा किया गया है। विधायक ने कहा कि उन्हें एक फर्जी और मनगढ़ंत मामले में फंसाया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के दबाव में किसान राजकुमार शर्मा की ओर से उनके खिलाफ सुनियोजित षड्यंत्र रचा गया।
‘सत्यमेव जयते और संविधान की जीत’
बालेश्वर साहू ने जमानत मिलने को “सत्यमेव जयते, संविधान और सच्चाई के साथ खड़े युवाओं की जीत” बताया। उन्होंने कहा कि पिछले करीब 10 वर्षों से उन पर सहकारी बैंक से किसान की पर्ची और पासबुक रखकर लोन लेने के आरोप लगाए जाते रहे, लेकिन अब तक की जांच में उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत सामने नहीं आया है।
उन्होंने एसपी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि अब उनका पूरा ध्यान जनता की सेवा और क्षेत्र के विकास पर रहेगा।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी बताया था साजिश
गौरतलब है कि 13 जनवरी को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल खोखरा जेल में विधायक से मिलने पहुंचे थे। उन्होंने कहा था कि विधायक को राजनीतिक कारणों से फंसाया गया है और उनकी बढ़ती लोकप्रियता भाजपा को रास नहीं आ रही है।
क्या है पूरा मामला
दरअसल, बालेश्वर साहू वर्ष 2015 से 2020 के बीच बम्हनीडीह सहकारी बैंक में मैनेजर के पद पर पदस्थ थे। उसी दौरान गौतम राठौर विक्रेता के पद पर कार्यरत था। आरोप है कि दोनों ने मिलकर किसान क्रेडिट कार्ड के जरिए लोन दिलाने का झांसा देकर किसान से 10 ब्लैंक चेक लिए।
इसके बाद HDFC बैंक में दो नए खाते खुलवाकर फर्जी हस्ताक्षर और अंगूठा लगाकर अलग-अलग किस्तों में कुल 42 लाख 78 हजार रुपए की निकासी की गई। पहली निकासी 15 जनवरी 2015 को 51 हजार रुपए की बताई गई है। आरोप है कि 7.5 लाख रुपए विधायक की पत्नी आशा साहू के खाते में भी ट्रांसफर किए गए।
2020 में खुला मामला
किसान राजकुमार शर्मा को इस पूरे फर्जीवाड़े की जानकारी तब हुई जब 2020 में HDFC बैंक चांपा से फोन आया। जांच के बाद किसान ने आरोपियों से संपर्क किया, जहां 6 महीने में रकम लौटाने का आश्वासन दिया गया, लेकिन पैसा वापस नहीं किया गया। इसके बाद 14 अगस्त 2025 को चांपा थाने में शिकायत दर्ज कराई गई।
पुलिस जांच और FIR
पुलिस ने शिकायत के बाद किसान, उसके परिजनों और बैंक कर्मचारियों के बयान दर्ज किए। जांच में यह भी सामने आया कि 24 जनवरी 2020 की एक निकासी पर्ची में बालेश्वर साहू का मोबाइल नंबर दर्ज था।
इसके आधार पर 3 अक्टूबर 2025 को बालेश्वर साहू और गौतम राठौर के खिलाफ धारा 420, 468, 467, 34 के तहत FIR दर्ज की गई।
हाईकोर्ट से राहत, फिर जेल
हाईकोर्ट ने 4 नवंबर 2025 को गिरफ्तारी से राहत दी थी और जांच में सहयोग के निर्देश दिए थे। चार्जशीट CJM कोर्ट में पेश हुई। 9 जनवरी 2026 को CJM कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज कर विधायक को 22 जनवरी तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।
अब सेशन कोर्ट से जमानत मिलने के बाद विधायक बालेश्वर साहू जेल से रिहा हो गए हैं, जबकि सह-आरोपी गौतम राठौर पहले से जमानत पर बाहर है।





