कोसा हत्याकांड का खुलासा: प्रेम प्रसंग में अमित भंडारी की हत्या, महिला समेत 3 आरोपी गिरफ्तार

जांजगीर-चांपा के कोसा गांव में अमित भंडारी हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा किया। प्रेम प्रसंग से जुड़े विवाद में हत्या का आरोप, महिला समेत 3 आरोपी गिरफ्तार।
जांजगीर-चांपा। जिले के मुलमुला थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कोसा में हुए अमित भंडारी हत्याकांड की गुत्थी पुलिस ने करीब दो महीने की जांच के बाद सुलझा ली है। पुलिस ने मामले में एक महिला समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में हत्या के पीछे प्रेम प्रसंग से जुड़ा विवाद सामने आया है।

पुलिस के अनुसार, 27 जून 2026 की रात अमित भंडारी अपने घर से निकला था। इसके बाद उसका शव 29 जून की सुबह गांव के अमहदा तालाब के पास एक निर्जन बाड़ी में बरामद किया गया था। घटना के बाद पुलिस ने हत्या के विभिन्न संभावित कारणों और संदिग्धों को लेकर जांच शुरू की।
प्रेम प्रसंग से जुड़ा था मामला
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि अमित भंडारी का गांव की ही संतोषी सिंह से शादी से पहले से प्रेम संबंध था। पुलिस के मुताबिक, शादी के बाद भी दोनों के बीच बातचीत होती थी। घटना वाली रात भी दोनों के बीच करीब रात 1:30 बजे तक फोन पर बातचीत हुई थी।
पुलिस के अनुसार, रात करीब 2:30 बजे अमित संतोषी सिंह से मिलने उसके घर के पीछे पहुंचा। इसी दौरान संतोषी का भाई बजरंग सिंह टेंट का काम खत्म कर घर लौटा। घर के पीछे आवाज सुनकर वहां पहुंचने पर उसने अमित को अपनी बहन के साथ देखा।
इसके बाद अमित और बजरंग के बीच विवाद हो गया। पुलिस के मुताबिक, मारपीट के दौरान अमित का सिर पीछे की दीवार से टकराया। इसके बाद जब अमित वहां से भागने के लिए दीवार फांदने का प्रयास कर रहा था, तभी बजरंग सिंह ने पास पड़े छोटे फावड़े/रापा से उसके सिर और छाती पर वार कर दिया। पुलिस के अनुसार, इन्हीं चोटों के कारण अमित की मौत हो गई।
शव को पहले छिपाया, फिर दूसरी जगह ले गए
पुलिस के मुताबिक, घटना के बाद बजरंग सिंह ने अमित के शव को घर के पीछे बाड़ी में झुरमुट के नीचे छिपा दिया। उस रात गांव में चोरी की सूचना के चलते डायल 112 की टीम भी मौजूद थी और ग्रामीण जाग रहे थे। ऐसे में शव को तत्काल दूसरी जगह ले जाना आरोपियों के लिए जोखिम भरा था।
अगले दिन बजरंग के भाई पप्पू सिंह के गांव लौटने पर उसे पूरी घटना की जानकारी दी गई। पुलिस के अनुसार, इसके बाद दोनों भाइयों ने शव को दूसरी जगह ले जाने की योजना बनाई।
पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने अमित को तलाशने का नाटक किया और परिजनों के साथ थाने पहुंचकर गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई। इसके बाद 28 जून की मध्यरात्रि करीब 12 बजे मौका देखकर अमित के शव को गांव के बीच दूसरी जगह ले जाकर रख दिया गया।
तकनीकी जांच से मिली महत्वपूर्ण जानकारी
29 जून को शव बरामद होने के बाद पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान CDR, IPDR, टावर डंप, GPS, CCTV फुटेज और संदिग्धों की लोकेशन समेत कई तकनीकी पहलुओं का विश्लेषण किया गया।
जिला पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में SIT गठित कर जांच को आगे बढ़ाया गया। बिलासपुर से आए सीनियर ट्रैकर डॉग विमला ने भी जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
पुलिस के अनुसार, संदिग्धों के व्यवहार, उनकी लोकेशन और पूछताछ के दौरान सामने आए बयानों का विश्लेषण किया गया। मामले में ब्रेन मैपिंग, पॉलीग्राफ और नार्को टेस्ट जैसी आधुनिक जांच तकनीकों का भी इस्तेमाल किया गया।
पूछताछ के बाद सामने आई घटना की कड़ी
पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान आरोपियों के बयानों में बदलाव और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उनसे दोबारा पूछताछ की गई। इसके बाद आरोपियों ने घटना में अपनी भूमिका स्वीकार की।
आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल छोटा फावड़ा/रापा तथा शव को दूसरी जगह ले जाने में इस्तेमाल की गई छोटी सीढ़ी बरामद की।
तीन आरोपी गिरफ्तार
मुलमुला पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है:
- बजरंग सिंह, निवासी कोसा
- संतोषी सिंह, निवासी हाथनेवरा, चांपा
- पप्पू सिंह, निवासी कोसा
पुलिस के अनुसार, संतोषी सिंह और पप्पू सिंह को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। वहीं बजरंग सिंह को पुलिस रिमांड पर लेकर आगे की फॉरेंसिक जांच की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि करीब दो महीने से चुनौती बनी हुई इस हत्या की गुत्थी को तकनीकी जांच, फील्ड इनपुट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर सुलझाया गया है।





