अंतर्जातीय विवाह प्रोत्साहन योजना से बदली अभिषेक-बबीता की जिंदगी: सरकार की ₹2.5 लाख सहायता से सामाजिक समरसता को मिला नया संदेश

रायपुर, 13 मार्च 2026। सामाजिक समरसता, समानता और जाति-पाति के भेदभाव को खत्म करने की दिशा में सरकार द्वारा संचालित अंतर्जातीय विवाह प्रोत्साहन योजना समाज में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बन रही है। इसी योजना से लाभान्वित होकर कोरबा जिले के युवा दम्पत्ति अभिषेक आदिले और बबीता देवांगन आज सामाजिक एकता और साहस की मिसाल बन गए हैं।
कोरबा के आदिले चौक, पुरानी बस्ती निवासी अभिषेक आदिले अनुसूचित जाति समुदाय से हैं, जबकि जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम चोरिया, तहसील सारागांव की रहने वाली 20 वर्षीय बबीता देवांगन अन्य पिछड़ा वर्ग समुदाय से संबंध रखती हैं। दोनों ने सामाजिक परंपराओं और जातीय भेदभाव की दीवारों को तोड़ते हुए अंतर्जातीय विवाह कर समाज के सामने एक प्रेरक उदाहरण पेश किया।
इस रिश्ते की खास बात यह रही कि दोनों परिवारों ने भी इस विवाह को स्वीकार किया और युवाओं के फैसले का सम्मान करते हुए सामाजिक सद्भाव का संदेश दिया।
योजना के तहत मिली ₹2.50 लाख की सहायता
अंतर्जातीय विवाह करने वाले दम्पत्तियों को प्रोत्साहित करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार द्वारा आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इसी योजना के तहत अभिषेक और बबीता को कुल 2.50 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि स्वीकृत की गई है।
कोरबा के सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास विभाग द्वारा इस राशि में से 1 लाख रुपये दम्पत्ति के संयुक्त बैंक खाते में जमा कराए गए हैं। वहीं शेष 1.50 लाख रुपये तीन वर्ष की सावधि जमा (FD) के रूप में निवेश किए गए हैं, ताकि उनके भविष्य को सुरक्षित बनाया जा सके।
सामाजिक समरसता को मिल रहा बढ़ावा
केंद्र और छत्तीसगढ़ राज्य सरकार लगातार ऐसी योजनाओं के माध्यम से समाज में समानता और भाईचारे को मजबूत करने का प्रयास कर रही हैं। अंतर्जातीय विवाह प्रोत्साहन योजना केवल आर्थिक सहायता नहीं देती, बल्कि समाज में जातीय भेदभाव को समाप्त करने और सामाजिक एकता को मजबूत करने का संदेश भी देती है।
प्रेरक बनी अभिषेक-बबीता की कहानी
चार वर्ष पहले विवाह के बंधन में बंधे अभिषेक और बबीता आज खुशहाल जीवन जी रहे हैं। उनकी कहानी यह साबित करती है कि यदि विश्वास और साहस हो तो समाज की रूढ़िवादी सोच को बदला जा सकता है।
सरकारी योजना से मिली सहायता ने उनके नए जीवन को सुरक्षित और स्थिर बनाया है। वहीं उनकी आपसी समझ और दृढ़ता ने इस रिश्ते को और भी मजबूत बनाया है।
अभिषेक और बबीता की यह पहल केवल एक विवाह नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन की दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है, जो समाज को प्रेम, सम्मान और समानता का संदेश देता है।





