छत्तीसगढ़

CHHATTISGARH : महिला का प्राइवेट पार्ट चेक करने वाला आरक्षक बर्खास्त, SSP की सख्त कार्रवाई

बेटे को जेल से छुड़ाने के बदले की थी गंदी डिमांड

दुर्ग / पुरानी भिलाई थाना में पदस्थ आरक्षक अरविंद मेढ़े (आरक्षक क्रमांक 1211) को महिला से शारीरिक शोषण के गंभीर आरोपों के चलते पुलिस विभाग से बर्खास्त कर दिया गया है। यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल द्वारा की गई है। आरोपी आरक्षक पर एक महिला ने दुष्कर्म और अनुचित व्यवहार का आरोप लगाया था, जिसके बाद मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।

FIR के बाद हुआ था निलंबन, फिर हो गया फरार

महिला की लिखित शिकायत के आधार पर आरोपी आरक्षक के खिलाफ बलात्कार का प्रकरण दर्ज किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया था, लेकिन निलंबन के बाद से वह फरार चल रहा था। जांच प्रक्रिया और विभागीय कार्रवाई पूरी होने के बाद अब उसे सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है।

बजरंग दल ने किया था थाने का घेराव

घटना की जानकारी मिलते ही बजरंग दल के कार्यकर्ता थाने पहुंचे और आरोपी आरक्षक की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करते हुए थाना घेराव किया। बढ़ते तनाव को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने महिला का मेडिकल परीक्षण कराया, जिसके आधार पर एफआईआर दर्ज की गई। मामले को अत्यंत संवेदनशील मानते हुए इसकी जांच विशेष टीम को सौंपी गई थी।

महिला ने लगाए गंभीर आरोप

एएसपी पद्मश्री तंवर ने बताया था कि शिकायतकर्ता महिला का नाबालिग बेटा पॉक्सो एक्ट के मामले में बाल संप्रेषणगृह में निरुद्ध है। बेटे की कानूनी सहायता के लिए महिला को आरक्षक से संपर्क करना पड़ा। इसी दौरान आरोपी आरक्षक ने महिला पर दबाव बनाते हुए शारीरिक संबंध की मांग की।

महिला के अनुसार, घटना 19 नवंबर की है। मंगलवार रात लगभग 8 बजे आरक्षक ने उसे बस स्टैंड चरोदा बुलाया और वहां से अपनी गाड़ी में बैठाकर रेलवे यार्ड की ओर ले गया। पीड़िता ने अपने बयान में बताया कि आरक्षक ने मुझे बैड टच किया। जब मैंने कहा कि यह सब नहीं कर सकती और पीरियड होने की बात कही तो आरक्षक ने प्राइवेट पार्ट चेक किया और जबरन शारीरिक संपर्क की कोशिश की। महिला के विरोध करने पर आरोपी ने उसे छोड़ दिया, लेकिन दो दिन बाद फिर मिलने का दबाव बनाया।

SSP का सख्त संदेश

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने स्पष्ट किया है कि महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही, दुराचार या अपराध को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषी पाए जाने पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी, चाहे आरोपी किसी भी पद पर क्यों न हो।

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