
भोपाल / मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में साइबर क्राइम शाखा को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने ‘ऑपरेशन FACE’ के तहत एक ऐसे संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो फर्जी दस्तावेजों और एक ही व्यक्ति की फोटो का इस्तेमाल कर बड़ी संख्या में सिम कार्ड जारी कर रहा था। इस कार्रवाई में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान देवेंद्र यादव और मोहम्मद सैफ कुरैशी के रूप में हुई है, जो पीओएस (Point of Sale) एजेंट के तौर पर काम कर रहे थे। जांच में सामने आया कि ये लोग ग्राहकों के दस्तावेजों की फोटोकॉपी लेकर, एक ही कर्मचारी की फोटो का बार-बार उपयोग करते हुए अलग-अलग नाम और पते पर सिम कार्ड एक्टिव कर रहे थे।
प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ कि एक ही चेहरे के आधार पर 246 से अधिक सिम कार्ड सक्रिय किए गए थे। यह मामला तब सामने आया जब दूरसंचार विभाग (DoT) के डेटा और एआई आधारित फेस रिकग्निशन सिस्टम ने एक ही चेहरे पर असामान्य रूप से अधिक सिम एक्टिवेशन को चिन्हित किया। इसके बाद साइबर पुलिस ने जांच शुरू की और पूरा रैकेट पकड़ में आ गया।
पुलिस के अनुसार, इस पूरे ऑपरेशन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल्स की अहम भूमिका रही। आरोपियों ने फर्जी पहचान और एक ही फोटो का इस्तेमाल कर सिम कार्ड जारी किए, जिससे बड़े स्तर पर धोखाधड़ी की आशंका जताई जा रही है।
फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इन फर्जी सिम कार्डों को किन लोगों को बेचा गया और उनका इस्तेमाल किन-किन आपराधिक गतिविधियों में हुआ। अधिकारियों का कहना है कि जांच जारी है और आने वाले समय में इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।





