राजधानी में चमका जांजगीर-चांपा का नाम — जिला बाल संरक्षण अधिकारी गजेंद्र सिंह जायसवाल को मिला राज्यस्तरीय सम्मान

लगातार दूसरी बार जांजगीर-चांपा को सम्मान, डीसीपीओ गजेंद्र सिंह जायसवाल की उत्कृष्ट भूमिका सराही गई
जांजगीर/ रायपुर। राजधानी रायपुर में आयोजित राज्य स्तरीय सम्मान समारोह में जिला बाल संरक्षण इकाई जांजगीर-चांपा को ‘उमंग पोषण देखरेख कार्यक्रम’ के उत्कृष्ट संचालन और उल्लेखनीय उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया। यह सम्मान महिला एवं बाल विकास विभाग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा प्रदान किया गया।
कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्रीलक्ष्मी राजवाड़े, राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा, यूनिसेफ के प्रतिनिधि और विभागीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। समारोह में जांजगीर-चांपा जिले द्वारा किए जा रहे कार्यों की विशेष रूप से सराहना की गई।
इस अवसर पर जिला बाल संरक्षण अधिकारी गजेंद्र सिंह जायसवाल को नेतृत्व क्षमता, टीम प्रबंधन, बच्चों की सुरक्षा एवं पोषण के प्रति उनकी संवेदनशील दृष्टि और ‘उमंग’ कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विशेष सम्मान प्रदान किया गया। साथ ही डीपीओ अनिता अग्रवाल के निर्देशन और समन्वयात्मक योगदान की भी प्रशंसा की गई।
कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि जांजगीर-चांपा जिले ने बाल संरक्षण तंत्र को मजबूत करने, संकटग्रस्त बालकों की सहायता, पोषण-देखरेख प्रणाली को सुदृढ़ बनाने और विभिन्न योजनाओं को सफलतापूर्वक लागू करने में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।
सम्मान प्राप्त करने के बाद गजेंद्र सिंह जायसवाल ने कहा—
“यह सम्मान हमारी पूरी जिला बाल संरक्षण इकाई की मेहनत और संवेदनशील टीमवर्क का परिणाम है। बच्चों की सुरक्षा, देखरेख और सर्वांगीण विकास हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। आगे भी हम और ज्यादा प्रभावी तथा परिणामोन्मुख कार्य के लिए प्रतिबद्ध हैं।” उन्होंने राज्य सरकार, विभागीय नेतृत्व, यूनिसेफ और सभी सहयोगी संस्थाओं के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।
अधिकारियों ने जांजगीर-चांपा जिले को राज्य के अग्रणी जिलों में से एक बताते हुए जिले की उपलब्धियों को अनुकरणीय बताया। उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष भी जांजगीर-चांपा को यही सम्मान प्राप्त हुआ था, और इस वर्ष भी लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए पुनः जिला स्तर पर प्रतिष्ठित मान्यता मिली है।





