
जांजगीर-चांपा / छत्तीसगढ़ विधानसभा में वित्त मंत्री द्वारा प्रस्तुत बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए जिला कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता नागेंद्र गुप्ता ने कहा कि यह बजट राज्य के संतुलित और सर्वांगीण विकास की भावना को प्रतिबिंबित नहीं करता।
नागेंद्र गुप्ता के अनुसार, बजट में बस्तर और सरगुजा अंचल पर अत्यधिक फोकस किया गया है, जबकि राज्य के मैदानी क्षेत्र, विशेषकर जांजगीर-चांपा जिला, पूरी तरह उपेक्षित रहे हैं।
मुख्य बिंदु:
रोजगार सृजन पर ध्यान नहीं: शासकीय रोजगार बढ़ाने के लिए कोई ठोस योजना नहीं। प्रोफेसर, शिक्षक, डॉक्टर और अन्य सरकारी पदों पर भर्ती के मुद्दे पर बजट मौन है।
जांजगीर-चांपा की अनदेखी: धान उत्पादक क्षेत्र होने के बावजूद धान और चावल आधारित फूड प्रोसेसिंग उद्योग को बढ़ावा देने के लिए कोई प्रावधान नहीं।
कोसा कपड़ा उद्योग के लिए योजना नहीं: ‘सिल्क सिटी’ के नाम से प्रसिद्ध जिले में कपास बुनकरों के लिए कोई विशेष योजना नहीं लाई गई।
नगरीय विकास और आधारभूत संरचना: नगरीय निकायों, जन सुविधाओं और बुनियादी ढांचे के लिए बजट में ठोस प्रावधान नहीं।
कुल मिलाकर, छत्तीसगढ़ का यह बजट न तो रोजगारोन्मुखी है और न ही राज्य के सभी क्षेत्रों के समावेशी विकास की दिशा में संतुलित प्रयास करता है।





