रास्ता रोककर मारपीट और ₹50 हजार की लूट, 3 आरोपियों को 14 साल का कठोर कारावास

जांजगीर-चांपा में रास्ता रोककर मारपीट और ₹50 हजार की लूट के मामले में न्यायालय ने तीन आरोपियों को 14 वर्ष के कठोर कारावास समेत विभिन्न सजाएं सुनाई हैं।
जांजगीर-चांपा, 25 अगस्त 2026। जांजगीर-चांपा जिले में रास्ता रोककर मारपीट और लूट करने के मामले में न्यायालय ने तीन आरोपियों को कठोर सजा सुनाई है। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश जांजगीर शैलेन्द्र सिंह चौहान ने मामले की सुनवाई के बाद आरोपियों को भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत दंडित किया।
अदालत ने आरोपी दीपक कश्यप उर्फ पिंटू, कोमल कश्यप और राहुल कुमार निर्मलकर को धारा 309(4) के तहत 14 वर्ष के कठोर कारावास और ₹5,000 अर्थदंड की सजा सुनाई है। वहीं धारा 309(6) के तहत 10 वर्ष के कठोर कारावास और ₹5,000 अर्थदंड तथा धारा 126(2) के तहत 1 माह के साधारण कारावास और ₹5,000 अर्थदंड से दंडित किया गया है।
क्लिनिक से घर लौटते समय हुई थी लूट
अभियोजन के अनुसार, 15 दिसंबर 2024 की रात केशव करियारे अपने क्लिनिक कोटाडबरी से मोटरसाइकिल से घर लौट रहे थे। उनके पास काले रंग के बैग में ₹50,000 नकद रखे थे।
रात करीब 8:30 बजे कमरीद राइस मिल के पास तीन लोगों ने उनका रास्ता रोकने का प्रयास किया। केशव ने मोटरसाइकिल तेज कर वहां से निकलने की कोशिश की, लेकिन आरोपी उनका पीछा करते हुए पिलारी नहर कमरीद के पास पहुंच गए।
बेल्ट और हेलमेट से की थी मारपीट
आरोपियों ने रास्ता रोककर केशव को बेल्ट से पीटा और मोटरसाइकिल से गिरा दिया। इसके बाद उन्हें सड़क से खींचकर खेत की ओर ले गए और हाथ-मुक्के, लात तथा बेल्ट से मारपीट की। आरोपियों ने हेलमेट से भी हमला किया, जिससे हेलमेट टूट गया।
मारपीट में पीड़ित के सिर, माथे, नाक, पीठ, सीने, हाथ और पैरों में चोटें आईं। इसके बाद आरोपी ₹50,000 नकद से भरा बैग लेकर फरार हो गए। घटना के दौरान पीड़ित का मोबाइल भी सड़क किनारे गिर गया था।
पहचान के बाद तीन आरोपी गिरफ्तार
घटना की रिपोर्ट थाना सारागांव में दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। पहचान कार्रवाई के दौरान पीड़ित ने मारपीट और लूट करने वाले आरोपियों के रूप में दीपक कश्यप, कोमल कश्यप और राहुल कुमार निर्मलकर की पहचान की।
पुलिस ने विवेचना पूरी कर आरोपियों के खिलाफ अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। मामले में अभियोजन की ओर से कुल 9 गवाहों के बयान कराए गए।
न्यायालय ने सुनाई कठोर सजा
अभियोजन की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के न्यायालयीन कथनों का विश्लेषण करने के बाद प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश जांजगीर शैलेन्द्र चौहान ने तीनों आरोपियों को दोषी मानते हुए विभिन्न धाराओं के तहत सजा सुनाई।
अर्थदंड की राशि जमा नहीं करने पर भी अतिरिक्त कारावास का प्रावधान किया गया है।
मामले में अभियोजन की ओर से लोक अभियोजक संदीप सिंह बनाफर, जांजगीर ने पैरवी की।





