छत्तीसगढ़

JANJGIR CHAMPA: फोन पर पुलिस बनकर धमकी देने से युवक ने की आत्महत्या, आरोपी गिरफ्तार

जांजगीर-चांपा / एक वायरल वीडियो ने जिले में सनसनी फैला दी है। वीडियो में दिखाया गया है कि सनत कुमार कश्यप (उम्र 25 वर्ष, पुत्र धनीराम कश्यप, निवासी चोरभट्टी, थाना मुलमला) ने मानसिक दबाव और डर के चलते आत्महत्या कर ली। वीडियो में मृतक ने खुद बताया कि बलोदा थाना पंतोरा चौकी से उसे फोन कर धमकाया गया और गाली-गलौच की गई। इस मानसिक प्रताड़ना के चलते सनत ने उरगा क्षेत्र में आत्महत्या कर ली।

पुलिस ने तुरंत घटनास्थल पर पहुंचकर जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में यह पता चला कि मामला मृतक की किसी व्यक्तिगत दुश्मनी या झगड़े का नहीं, बल्कि एक योजना के तहत हुई धमकी से जुड़ा था।

घटना की पूरी पृष्ठभूमि

पुलिस ने जांच में पाया कि मामला सचिन खरे (उम्र 30 वर्ष, पिता मुकुंदराम खरे, निवासी ग्रेवरा बस्ती, कोरबा) और उसकी बहन स्नेहा खरे (उम्र 21 वर्ष) से जुड़ा था। स्नेहा खरे 12 मार्च 2026 को कॉलेज जाने के लिए घर से निकली थी, लेकिन रात तक घर नहीं लौटी। उसके भाई सचिन खरे ने पता लगाया कि स्नेहा धीरेन्द्र पाटले (सचिन के मामा का लड़का) के साथ गई थी। इसके बाद सचिन खरे ने धीरेंद्र के दोस्त सनत कश्यप को फोन किया। इस दौरान उसने अपने आप को पंतोरा चौकी का पुलिस वाला बता कर सनत को धमकाया और गाली-गलौच की।डर के कारण सनत कश्यप मानसिक रूप से टूट गया और उरगा क्षेत्र में आत्महत्या कर ली।

पुलिस ने मृतक के मोबाइल और कॉल रिकॉर्ड की जांच के बाद यह स्पष्ट कर दिया कि आत्महत्या का कारण धमकी भरा फोन कॉल था, और इसमें कोई अन्य बाहरी प्रताड़ना शामिल नहीं थी।

पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारी

जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी सचिन खरे को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने अपना अपराध स्वीकार किया। थाना बलोदा में अपराध क्रमांक 113/26, धारा 204 BNS के तहत मामला दर्ज किया गया।

पुलिस ने बताया कि मृतक की आत्महत्या का मुख्य कारण फोन धमकी और मानसिक प्रताड़ना थी। आरोपी की बहन स्नेहा खरे की गुमशुदगी की रिपोर्ट थाना कुसमुंडा, जिला कोरबा में पहले से पंजीकृत थी।

पुलिस अभी स्नेहा के गुम होने की जांच कर रही है और मृतक के परिवार को न्याय दिलाने के लिए हर संभव कदम उठा रही है।

सामाजिक और मानसिक पहलू

विशेषज्ञों का कहना है कि युवा वर्ग में मानसिक दबाव और धमकी का असर अत्यधिक गंभीर हो सकता है। इस मामले में भी डर और तनाव के चलते एक युवा ने अपनी जीवन लीला समाप्त कर दी।

विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि फोन और सोशल मीडिया के माध्यम से धमकी देना गंभीर अपराध है और इसका मानसिक असर गहरा हो सकता है।

Related Articles

Back to top button