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अवैध संबंध में पत्नी ने की सारी हदें पार! प्रेमी संग सोते पति का गला घोंटकर उतारा मौत के घाट

बाड़मेर/ प्यार अगर जुनून बन जाए और नैतिकता की सीमाएं पार कर जाएं, तो इंसानी रिश्ते भी खूनी इबारत बन सकते हैं। राजस्थान के बालोतरा जिले के गिड़ा थाना इलाके से एक ऐसी सनसनीखेज घटना सामने आई है, जिसने समाज को सन्न कर दिया है। यहां एक पत्नी ने अपने सरकारी शिक्षक प्रेमी के साथ मिलकर अपने ही पति की जान ले ली।

जिस चारपाई पर पति-पत्नी ने साथ जीने-मरने की कसमें खाई थीं, वही चारपाई अब महेंद्र मेघवाल की कब्र बन गई।

पीड़ित और परिवार की पृष्ठभूमि

23 वर्षीय महेंद्र मेघवाल, मलवा गोयलान का निवासी, 4 साल पहले अनु देवी से शादी के बंधन में बंधा था। बाहर से यह एक सामान्य परिवार दिखाई देता था, लेकिन घर की चारदीवारी के भीतर नफरत की आग सुलग रही थी।

अनु देवी अपने पति से प्यार नहीं करती थी। अक्सर झगड़े और असहमति की स्थितियां बनी रहती थीं। कई बार परिवार और समाज ने समझौते की कोशिश की, लेकिन अनु के मन में अपने सरकारी शिक्षक प्रेमी अमराराम के लिए प्रेम और जुनून ने उसे अंधा कर दिया।

हत्या की रात – प्यार बन गया गुनाह

20 मार्च की रात, घर में एक बार फिर बहस हुई। महेंद्र और अनु के बीच तीखी नोकझोंक के बाद अनु ने आधी रात को अपने प्रेमी अमराराम को फोन कर बुला लिया।

अमराराम कोई मामूली अपराधी नहीं था। वह ग्रेड थर्ड सरकारी शिक्षक था, जो चिड़िया पंचायत के स्कूल में तैनात था। जैसे ही अमराराम घर पहुंचा, दोनों ने मिलकर सो रहे महेंद्र पर हमला किया। महेंद्र को संभलने का मौका तक नहीं मिला। दोनों ने मिलकर उसका गला घोंट दिया।

हत्या के बाद अमराराम अंधेरे का फायदा उठाकर घर से बाहर निकल गया। अनु सुबह होने का इंतजार करती रही, जैसे कुछ हुआ ही न हो।

सुबह का सच – परिजन दहल उठे

अगली सुबह, जब महेंद्र बाहर नहीं निकला, तो पास की ढाणी में रहने वाले परिजन घर गए। अनु ने बड़ा झूठ बोला, कहा कि “महेंद्र अभी कमरे में सो रहे हैं।”

लेकिन जैसे ही परिजन कमरे में दाखिल हुए, उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। महेंद्र का बेजान शरीर चारपाई पर पड़ा था, और गले पर चोट के निशान उसकी मौत की कहानी बयां कर रहे थे।

पुलिस की जांच और गिरफ्तारी

थानाधिकारी दलपतसिंह चौधरी ने तुरंत कार्रवाई की। अनु को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की गई। ज्यादा देर तक झूठ नहीं टिक पाया। उसने अपने प्रेमी शिक्षक अमराराम का नाम उजागर किया। पुलिस ने दबिश देकर अमराराम को भी पकड़ लिया। दोनों ने अपना अपराध कबूल कर लिया।

महेंद्र, जो कपड़ा फैक्ट्री में मेहनत कर घर चला रहा था, उसे क्या पता था कि वही पत्नी और समाज में सम्मानित शिक्षक उसकी मौत की साजिश रच रहे हैं। अभी दोनों आरोपी सलाखों के पीछे हैं, और पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है।

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