सक्ती में 15 दिवसीय विशेष जांच अभियान जारी: अस्वच्छ खाद्य पदार्थ नष्ट, दुकानदारों को सख्त निर्देश

सक्ती, 30 अप्रैल 2026। छत्तीसगढ़ में खाद्य सुरक्षा को लेकर प्रशासन सख्त नजर आ रहा है। “सही दवा-शुद्ध आहार, यही छत्तीसगढ़ का आधार” थीम के तहत सक्ती जिले में 15 दिवसीय विशेष सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। यह अभियान 27 अप्रैल से शुरू होकर 11 मई 2026 तक जारी रहेगा।

छत्तीसगढ़ शासन के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के निर्देश पर कलेक्टर अमृत विकास तोपनो के आदेशानुसार यह कार्रवाई की जा रही है। अभियान का नेतृत्व नोडल एवं अपर कलेक्टर बीरेंद्र लकड़ा कर रहे हैं। इसमें खाद्य एवं औषधि प्रशासन, राजस्व विभाग और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम शामिल है।
जैजैपुर में दुकानों की जांच, कई अनियमितताएं मिलीं
सक्ती जिले के जैजैपुर ब्लॉक में तहसीलदार, पुलिस और खाद्य विभाग की टीम ने विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों पर निरीक्षण किया। इस दौरान दुग्ध उत्पाद, गुपचुप-चाट ठेले, गन्ना रस दुकान, आइसक्रीम, फालूदा और मिठाई दुकानों की जांच की गई।
निरीक्षण के दौरान:
- बीकानेर स्वीट्स में 4 किलो बूंदी लड्डू अस्वच्छ हालत में पाए गए, जिन्हें मौके पर नष्ट कराया गया।
- खाद्य पदार्थों को अखबार में लपेटने पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए।
- गुपचुप-चाट ठेलों में रंग (केमिकल) का उपयोग न करने की हिदायत दी गई।
- मोहन डेयरी और नटराज स्वीट्स में एक्सपायरी खाद्य सामग्री मिलने पर उसे तुरंत नष्ट कराया गया।
- अजमत बेकरी में निर्माण तिथि (मैन्युफैक्चरिंग डेट) नहीं होने पर सभी उत्पादों की बिक्री पर रोक लगा दी गई।
जागरूकता पर भी जोर
अधिकारियों ने निरीक्षण के दौरान दुकानदारों और आम जनता को खाद्य सुरक्षा के प्रति जागरूक भी किया। प्रशासन का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य सिर्फ कार्रवाई करना नहीं, बल्कि लोगों को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य पदार्थों के प्रति जागरूक बनाना भी है।
अधिकारी रहे मौजूद
इस अभियान में जैजैपुर तहसीलदार विद्याभूषण साव, खाद्य एवं औषधि प्रशासन के अभिहित अधिकारी अहसान तिग्गा, खाद्य सुरक्षा अधिकारी शांतनु भट्टाचार्य, निखिलेश साहू तथा पुलिस विभाग के किशोर सीतार सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
निष्कर्ष: सक्ती जिले में चल रहा यह अभियान खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है, जिससे मिलावटखोरी और लापरवाही पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।





