432 गांवों में एक साथ बंधी ‘साइबर जागृति की राखी’, जांजगीर-चांपा पुलिस का अभियान गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज

जांजगीर-चांपा पुलिस के “एक राखी साइबर जागृति की” अभियान का शुभारंभ। 432 गांवों में एक साथ साइबर जागरूकता, 1.50 लाख से अधिक लोगों तक पहुंचा संदेश।
जांजगीर-चांपा, 27 अगस्त 2026। जांजगीर-चांपा पुलिस द्वारा साइबर अपराधों के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से चलाए गए अभिनव अभियान “एक राखी साइबर जागृति की” का गुरुवार को जिलेभर में सफल एवं ऐतिहासिक शुभारंभ हुआ। अभियान के तहत जिले के 432 गांवों सहित शहरी वार्डों, शासकीय कॉलेजों, हायर सेकेंडरी स्कूलों और शासकीय कार्यालयों में लोगों को साइबर जागरूकता की राखी बांधी गई। पुलिस के अनुसार इस अभियान के माध्यम से लगभग 1 लाख 50 हजार से अधिक लोगों तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचाया गया।

ऑडिटोरियम हॉल में हुआ जिला स्तरीय शुभारंभ
अभियान का जिला स्तरीय कार्यक्रम ऑडिटोरियम हॉल, जांजगीर में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कलेक्टर जनमेजय महोबे और पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय (IPS) मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस दौरान गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड छत्तीसगढ़ की राज्य प्रभारी सोनल राजेश शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. यूलैंडन यार्क, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात उदयन बेहार सहित पुलिस विभाग के अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय ने राखी के पवित्र बंधन को साइबर सुरक्षा से जोड़ते हुए कहा कि जिस प्रकार राखी बहन की रक्षा का संकल्प दिलाती है, उसी प्रकार सभी को एक-दूसरे को साइबर अपराधों से सुरक्षित रखने का संकल्प लेना चाहिए।
432 गांवों में एक साथ बांधी गई “साइबर जागृति की राखी”
जांजगीर-चांपा जिले के 432 गांवों के साथ-साथ सभी शहरी वार्डों, शासकीय कॉलेजों, हायर सेकेंडरी स्कूलों और शासकीय कार्यालयों में एक साथ साइबर जागरूकता अभियान चलाया गया। जांजगीर-चांपा पुलिस, ग्राम कोटवार और महिला कमांडो ने लोगों को “साइबर जागृति की राखी” बांधकर साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहने की शपथ दिलाई।
इस पहल का उद्देश्य गांव से लेकर शहर तक आमजन को ऑनलाइन ठगी और साइबर अपराधों से बचाव के आसान उपायों की जानकारी देना रहा।
फर्जी लिंक और OTP से रहें सावधान
अभियान के दौरान लोगों को साइबर ठगी से बचने के लिए महत्वपूर्ण सावधानियां बताई गईं। लोगों से कहा गया कि वे अनजान लिंक पर क्लिक न करें, किसी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, बैंक संबंधी जानकारी या अन्य गोपनीय विवरण साझा न करें और सोशल मीडिया का उपयोग करते समय विशेष सतर्कता बरतें।
इसके साथ ही साइबर अपराध की स्थिति में तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करने की जानकारी भी दी गई।
गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज होगी पहल
जांजगीर-चांपा पुलिस के अनुसार, जिले के 432 गांवों में एक ही समय में साइबर जागरूकता से जुड़ा यह व्यापक अभियान गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज होने जा रहा है। अभियान के सत्यापन के लिए गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड छत्तीसगढ़ की राज्य प्रभारी सोनल राजेश शर्मा को आमंत्रित किया गया था।
कार्यक्रम के दौरान उनके द्वारा अभियान के संबंध में सर्टिफिकेट पुलिस अधीक्षक जांजगीर-चांपा विजय कुमार पाण्डेय को प्रदान किया गया।
राखी तैयार करने में महिला समूहों और जेल बंदियों का योगदान
“एक राखी साइबर जागृति की” अभियान के लिए साइबर जागरूकता की राखियां तैयार करने में जिला पुलिस के साथ महिला कमांडो, महिला स्व सहायता समूहों और जिला जेल के कैदियों ने भी योगदान दिया। पुलिस ने इस सहयोग को अभियान की सफलता में महत्वपूर्ण बताया।
जांजगीर-चांपा पुलिस की यह पहल साइबर अपराधों के प्रति आमजन में जागरूकता बढ़ाने और गांव से शहर तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।
“राखी का बंधन, साइबर सुरक्षा का संकल्प—सतर्क रहें, सुरक्षित रहें।”





