
सक्ती/ छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के सिंगीतराई क्षेत्र स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुए भीषण हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। मंगलवार को प्लांट के भीतर एक बॉयलर ट्यूब फटने से जोरदार विस्फोट हुआ, जिसमें अब तक 17 मजदूरों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। वहीं दर्जनों मजदूर गंभीर रूप से घायल हैं और विभिन्न अस्पतालों में उनका इलाज जारी है।

जानकारी के अनुसार, हादसे के समय करीब 35 से 40 कर्मचारी ड्यूटी पर मौजूद थे। अचानक हुए धमाके के बाद अफरा-तफरी मच गई और कई मजदूर इसकी चपेट में आ गए। प्रारंभिक रिपोर्ट में 4 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि इलाज के दौरान रायगढ़ मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल रायगढ़ और रायपुर के अस्पतालों में अन्य घायलों ने दम तोड़ दिया।
मृतकों की पहचान जारी
अब तक जिन 17 लोगों की मौत हुई है, उनमें अलग-अलग राज्यों के मजदूर शामिल हैं, जिनकी पहचान धीरे-धीरे की जा रही है। मृतकों में बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ के श्रमिक शामिल बताए जा रहे हैं। प्रशासन द्वारा बाकी मृतकों की पहचान की प्रक्रिया तेजी से जारी है।
दर्जनों घायल, कई की हालत गंभीर
हादसे में लगभग 36 मजदूर झुलस गए हैं, जिनमें से करीब 18 लोगों का इलाज अभी भी अलग-अलग अस्पतालों में चल रहा है। चिकित्सकों के अनुसार कई घायलों की हालत नाजुक बनी हुई है, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
वेदांता चेयरमैन ने जताया दुख
वेदांता समूह के चेयरमैन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह बेहद दुखद घटना है और प्रभावित सभी लोग उनके परिवार की तरह हैं। कंपनी ने भरोसा दिलाया है कि पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता दी जाएगी और मामले की पूरी जांच कराई जाएगी।
राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री ने जताई संवेदना
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
वहीं छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी घटना पर शोक जताते हुए कहा कि सरकार इस मुश्किल समय में पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है। उन्होंने हादसे की उच्चस्तरीय जांच के आदेश देते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की बात कही है। साथ ही मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई है।
हादसे की वजह पर जांच जारी
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बॉयलर की पाइपलाइन में तकनीकी खराबी के कारण यह विस्फोट हुआ। प्रशासन और तकनीकी विशेषज्ञों की टीम पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है ताकि हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।
यह दुर्घटना न केवल औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि मजदूरों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंताएं पैदा करती है।





