छत्तीसगढ़

Janjgir Champa: कलेक्टर की सख्ती—निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से समझौता नहीं, लापरवाही पर होगी कार्रवाई

ससहा में घटिया निर्माण पर उप अभियंता को नोटिस, पीएम आवास योजना में अनियमितता पर भी कड़ी चेतावनी

जांजगीर-चांपा, 24 अप्रैल 2026। जिले में ग्रामीण विकास कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने सख्त रुख अपनाया है। जनपद पंचायत पामगढ़ में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने पंचायत सचिवों, तकनीकी सहायकों और रोजगार सहायकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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बैठक में कलेक्टर ने कहा कि ग्राम पंचायतें ग्रामीण विकास की आधारशिला हैं, इसलिए यहां होने वाले कार्यों की गुणवत्ता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता पाई गई तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

ससहा में घटिया निर्माण पर कार्रवाई

ग्राम पंचायत ससहा में निर्माणाधीन मंच कार्य में गुणवत्ता की कमी मिलने पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित आरईएस उप अभियंता को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही निर्माण कार्यों की धीमी प्रगति पर भी असंतोष व्यक्त किया।

अधूरे कार्य तुरंत शुरू करने के निर्देश

कलेक्टर ने सभी अप्रारंभ और अधूरे कार्यों को तत्काल शुरू कर समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में देरी किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं की जाएगी।

पीएम आवास योजना में पारदर्शिता जरूरी

बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि योजना में पूरी पारदर्शिता रखी जाए। यदि कहीं भी अनियमितता की शिकायत मिलती है तो संबंधितों पर तत्काल कड़ी कार्रवाई होगी।

1 मई से शुरू होंगे जनसमस्या निवारण शिविर

कलेक्टर ने बताया कि “सुशासन तिहार” के तहत 1 मई से 10 जून 2026 तक जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में 15-20 ग्राम पंचायतों के समूह को शामिल किया जाएगा और आम नागरिकों की समस्याओं का मौके पर समाधान किया जाएगा।
शिविरों में छाया, पेयजल और बैठने की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

5 वर्षीय विकास योजना पर जोर

कलेक्टर ने प्रत्येक ग्राम पंचायत को 5 वर्षीय परिप्रेक्ष्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए। इस योजना में पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला एवं बाल कल्याण, सड़क और सिंचाई जैसे प्राथमिक क्षेत्रों को शामिल करने पर विशेष जोर दिया गया।

जल संरक्षण को प्राथमिकता

जल संकट को देखते हुए कलेक्टर ने जल संरक्षण कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने सोक पिट, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, चेकडैम, डबरी और “नवा तरिया” जैसे संरचनाओं के निर्माण पर बल दिया। साथ ही जनभागीदारी के माध्यम से लोगों को जागरूक करने की बात कही।

फील्ड मॉनिटरिंग पर जोर

कलेक्टर ने अधिकारियों को नियमित फील्ड निरीक्षण करने और योजनाओं का लाभ समय पर हितग्राहियों तक पहुंचाने के निर्देश दिए, ताकि ग्रामीण विकास कार्यों का असर जमीन पर साफ दिखाई दे।

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