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नेपाल में बाढ़ से तबाही, 160 की मौत, भारतीय नागरिकों समेत सैकड़ों लोगों के लापता होने की खबर

नेपाल में विनाशकारी फ्लैश फ्लड से भारी तबाही हुई है। कम से कम 157 लोगों की मौत और सैकड़ों लोगों के लापता होने की खबर है। 133 भारतीय नागरिकों की तलाश जारी है।

Nepal Flood : नेपाल-तिब्बत सीमा से लगे इलाकों में आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड ने भारी तबाही मचा दी है। भोटेकोशी और त्रिशूली नदी क्षेत्र में अचानक आई बाढ़ और मलबे के तेज बहाव ने कई बस्तियों, सड़कों, पुलों और अन्य बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाया है। नेपाल में अब तक कम से कम 157 लोगों के शव बरामद होने की जानकारी सामने आई है। चीन के तिब्बत क्षेत्र में भी तीन मौतों की पुष्टि हुई है, जिससे आपदा में मृतकों की संख्या करीब 160 तक पहुंच गई है।

133 भारतीय नागरिक भी लापता

इस प्राकृतिक आपदा के बाद बड़ी संख्या में लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक 133 भारतीय नागरिकों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। इनमें बड़ी संख्या में ऐसे लोग शामिल हैं जो कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए नेपाल के रास्ते आगे बढ़ रहे थे। लापता लोगों में नेपाल और कई अन्य देशों के नागरिक भी शामिल हैं।

हालांकि अलग-अलग समय पर जारी किए गए अपडेट में लापता लोगों की संख्या में अंतर है। नेपाल के विभिन्न अधिकारियों और एजेंसियों की ओर से आंकड़े लगातार अपडेट किए जा रहे हैं। इसलिए राहत एवं बचाव अभियान पूरा होने तक अंतिम आंकड़ा बदल सकता है।

अचानक आया सैलाब, संभलने का मौका नहीं मिला

रिपोर्टों के अनुसार 26 अगस्त की सुबह नेपाल-तिब्बत सीमा के पास अचानक भारी मात्रा में पानी, बर्फ और मलबा नीचे की ओर आया। इससे भोटेकोशी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया और आसपास के क्षेत्रों में तबाही मच गई। कई स्थानों पर सड़कें और पुल बह गए तथा संपर्क व्यवस्था भी प्रभावित हुई।

वैज्ञानिकों और अधिकारियों के शुरुआती आकलन में ग्लेशियर या बर्फ-पत्थर के बड़े हिस्से के टूटकर नीचे गिरने को इस आपदा की संभावित वजह बताया गया है। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) की जानकारी के अनुसार जिस भूकंपीय हलचल को शुरुआती तौर पर भूकंप समझा गया था, वह संभवतः ग्लेशियल रॉक और बर्फ के ढहने से पैदा हुई थी।

राहत और बचाव अभियान जारी

नेपाल सेना, पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव अभियान चला रही हैं। दूरदराज के इलाकों में संपर्क व्यवस्था प्रभावित होने के कारण बचाव दलों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। प्रभावित क्षेत्रों में हेलीकॉप्टरों की मदद से लोगों को सुरक्षित निकालने और जरूरी चिकित्सा सहायता पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

भारत में भी अलर्ट

नेपाल में आई इस भीषण बाढ़ के बाद भारत के सीमावर्ती क्षेत्रों में भी नदियों के जलस्तर पर निगरानी बढ़ा दी गई है। नेपाल से आने वाली नदियों के कारण बिहार और आसपास के इलाकों में भी सतर्कता बरती जा रही है। प्रशासन लोगों से नदी और निचले इलाकों के आसपास अनावश्यक रूप से नहीं जाने की अपील कर रहा है।

लगातार अपडेट हो रहे हैं आंकड़े

नेपाल की इस त्रासदी में मौत और लापता लोगों की संख्या को लेकर अलग-अलग समय पर अलग-अलग आंकड़े सामने आए हैं। इसलिए अंतिम आधिकारिक आंकड़े आने तक मृतकों और लापता लोगों की संख्या में बदलाव संभव है। फिलहाल 157 नेपाली मृतकों की पुष्टि और 133 भारतीय नागरिकों के लापता होने की रिपोर्ट सबसे प्रमुख अपडेट में शामिल है।

नोट: यह खबर 27 अगस्त 2026 को उपलब्ध आधिकारिक एवं विश्वसनीय मीडिया रिपोर्टों के आधार पर तैयार की गई है। राहत-बचाव अभियान जारी रहने के कारण आंकड़े बदल सकते हैं।

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