मध्यप्रदेश

बरगी बांध क्रूज हादसा: आखिरी सांस तक बेटे को सीने से लगाए रही मां, रुला देगी ये तस्वीर…

रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

जबलपुर: मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित Bargi Dam में गुरुवार शाम हुए दर्दनाक क्रूज हादसे को 14 घंटे से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन राहत और बचाव कार्य अब भी जारी है। अब तक कई लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है, जबकि इस हादसे में 10 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। मृतकों में अधिकतर महिलाएं शामिल हैं। शुक्रवार सुबह बरामद हुए शवों की पहचान भी कर ली गई है।

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हादसे में अब तक 10 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं। मंजर बेहद भावुक करने वाला था—मां ने अपने 4 साल के बेटे को सीने से इस तरह कसकर पकड़ा हुआ था, मानो आखिरी सांस तक उसे बचाने की कोशिश करती रही हो। दोनों एक ही लाइफ जैकेट में बंधे मिले। मौत भी इस अटूट रिश्ते को अलग नहीं कर सकी।

सोशल मीडिया पर इस घटना से जुड़ी एआई जनरेटेड तस्वीर तेजी से वायरल हो रही है, जिसे देखकर लोग भावुक हो रहे हैं।

कैसे हुआ हादसा

प्राप्त जानकारी के अनुसार, पर्यटन विभाग द्वारा संचालित एक क्रूज में 40 से ज्यादा पर्यटक सवार थे। इसी दौरान अचानक मौसम खराब हो गया और तेज आंधी-तूफान के बीच क्रूज संतुलन खो बैठा। देखते ही देखते नाव में पानी भरने लगा और कुछ ही देर में वह पलट गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

युद्धस्तर पर चल रहा रेस्क्यू ऑपरेशन

घटना के बाद से ही बचाव अभियान लगातार जारी है। राहत कार्य में SDRF, NDRF और स्थानीय पुलिस की टीमें जुटी हुई हैं। प्रशासन का कहना है कि लापता लोगों की तलाश के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं, हालांकि समय बीतने के साथ जीवित मिलने की उम्मीद कम होती जा रही है।

सीएम ने जताया शोक, मुआवजे की घोषणा

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। साथ ही संबंधित मंत्रियों और अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचकर हालात की निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।

लाइफ जैकेट नहीं मिलने से बढ़ी मुश्किल

हादसे में बची एक महिला यात्री ने बताया कि क्रूज में अचानक पानी भरने लगा, जिससे लोगों में भगदड़ मच गई। कई यात्रियों ने दावा किया कि समय पर लाइफ जैकेट उपलब्ध नहीं कराई गई। हालात इतने बिगड़ गए थे कि लोग एक-दूसरे की मदद से किसी तरह खुद को बचाने की कोशिश कर रहे थे।

प्रत्यक्षदर्शियों की आपबीती

दिल्ली से आए एक पर्यटक के मुताबिक, जब लहरें तेज होने लगीं, तब किनारे से लोगों ने चालक को वापस लौटने के लिए कहा था, लेकिन उसने आगे बढ़ने का निर्णय लिया। इसी बीच तूफान तेज हो गया और क्रूज डूब गया।

एक बच्ची ने रोते हुए बताया कि हादसे के दौरान सब लोग बिखर गए। उसे किसी तरह अपने पिता मिल गए, लेकिन उसकी मां और भाई अब भी लापता हैं, जबकि उसकी नानी की मौत हो चुकी है।

स्थानीय युवकों ने बचाई कई जानें

हादसे के बाद आसपास मौजूद स्थानीय युवकों ने तुरंत पानी में छलांग लगाकर राहत कार्य शुरू किया। उन्होंने लाइफ जैकेट और ट्यूब की मदद से कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। युवकों के मुताबिक, तेज लहरों के बीच बचाव कार्य बेहद जोखिम भरा था, लेकिन लोगों की जान बचाने के लिए उन्होंने हिम्मत नहीं हारी।

देशभर से मदद पहुंची

रेस्क्यू ऑपरेशन को तेज करने के लिए अन्य राज्यों से भी टीमें बुलाई गई हैं। हैदराबाद से विशेष दल और हेलीकॉप्टर रवाना किया गया है, जबकि कोलकाता से पैरामिलिट्री बल भी मौके पर पहुंच चुका है। फंसे लोगों को निकालने के लिए आधुनिक उपकरणों का उपयोग किया जा रहा है।

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