Janjgir Champa News: पुरानी रंजिश में युवक की हत्या, तीन दोषियों को उम्रकैद

जांजगीर-चांपा के बिर्रा थाना क्षेत्र के सेमरिया गांव में पुरानी रंजिश के चलते युवक की हत्या के मामले में कोर्ट ने तीन आरोपियों को आजीवन कारावास और 5-5 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।
जांजगीर-चांपा। जिले के बिर्रा थाना क्षेत्र में पुरानी रंजिश के चलते युवक की लोहे की रॉड और डंडों से पीट-पीटकर हत्या करने के मामले में न्यायालय ने तीन आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश गणेशराम पटेल की अदालत ने दोषियों पर 5-5 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माना अदा नहीं करने की स्थिति में प्रत्येक दोषी को छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
अतिरिक्त लोक अभियोजक के.एन. कश्यप ने बताया कि मामला बिर्रा थाना क्षेत्र के ग्राम सेमरिया का है। 10 मई 2025 को प्रार्थी गोविंद नारायण कश्यप ने थाना बिर्रा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि वह एक शादी समारोह में ग्राम छाछी गए हुए थे। इसी दौरान उन्हें सूचना मिली कि उनके छोटे भाई देवी प्रसाद कश्यप पर गांव के कुछ लोगों ने पुरानी रंजिश के चलते हमला कर दिया है।
साप्ताहिक बाजार से लौटते समय किया था हमला
जांच में सामने आया कि आरोपी संजीव कश्यप, रामेश्वर कश्यप, दुजराज कश्यप और एक अपचारी बालक ने साप्ताहिक बाजार से घर लौट रहे देवी प्रसाद कश्यप का रास्ता रोक लिया। आरोपियों ने लोहे की रॉड और डंडों से उस पर बेरहमी से हमला किया। मारपीट के दौरान गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी भी दी गई। गंभीर रूप से घायल देवी प्रसाद को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
21 गवाहों के बयान से आरोप हुए सिद्ध
पुलिस ने मामले की विवेचना पूरी कर न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 21 गवाहों के बयान दर्ज कराए। अतिरिक्त लोक अभियोजक के.एन. कश्यप ने साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ प्रभावी पैरवी की। न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों को पर्याप्त मानते हुए तीनों आरोपियों को दोषी करार दिया।
बीएनएस की धाराओं में दोषी करार
द्वितीय अपर सत्र न्यायालय ने रामेश्वर कश्यप (21 वर्ष), संजीव कश्यप (22 वर्ष) और दुजराज कश्यप (40 वर्ष), निवासी ग्राम सेमरिया को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) एवं 3(5) के तहत दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही प्रत्येक आरोपी पर 5,000 रुपये का अर्थदंड लगाया गया। अर्थदंड जमा नहीं करने पर प्रत्येक को छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।





