ग्राम पंचायत करमा में कलेक्टर की चौपाल: जमीन पर बैठकर सुनीं समस्याएं, योजनाओं की जमीनी हकीकत परखी
डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती पर कलेक्टर ने किया नमन, राशन दुकान संचालक को नोटिस, जल जीवन मिशन के निरीक्षण के निर्देश

जांजगीर-चांपा, 14 अप्रैल 2026। जांजगीर-चांपा जिले के बलौदा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत करमा में आयोजित ग्राम सभा में कलेक्टर जन्मेजय महोबे पहुंचे और ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान कलेक्टर ने जमीन पर बैठकर ग्राम चौपाल लगाई और शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी हकीकत का जायजा लिया।

कार्यक्रम की शुरुआत भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती पर उनके छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि देने के साथ हुई। कलेक्टर ने बाबा साहेब को भारतीय संविधान का शिल्पकार, महान समाज सुधारक और अर्थशास्त्री बताते हुए उनके विचारों को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सामाजिक समानता, शिक्षा और न्याय के लिए उनके सिद्धांत आज भी प्रासंगिक हैं।

ग्राम सभा की भूमिका पर जोर
कलेक्टर ने ग्राम सभा को ग्रामीण स्वशासन की आधारशिला बताते हुए कहा कि गांव के विकास से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय यहीं लिए जाते हैं। उन्होंने बताया कि ग्राम सभा को सड़क, सिंचाई, किसान योजनाएं, नामांतरण और बंटवारे जैसे मुद्दों पर निर्णय लेने का अधिकार है।

ग्राम सभा के दौरान विकास कार्यों की समीक्षा, नए प्रस्ताव, हितग्राहियों का चयन और जनसमस्याओं के निराकरण पर विस्तार से चर्चा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को पारदर्शिता और सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जमीन पर बैठकर सुनी समस्याएं
ग्राम चौपाल में कलेक्टर ने ग्रामीणों के बीच जमीन पर बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं और मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को समाधान के निर्देश दिए। इस दौरान सार्वजनिक वितरण प्रणाली की राशन दुकान का संचालक अनुपस्थित मिलने पर नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।
जल जीवन मिशन से जुड़ी शिकायत मिलने पर कलेक्टर ने संबंधित अधिकारी को तत्काल निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
स्वच्छता और पोषण पर विशेष फोकस
कलेक्टर ने ग्रामीणों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करते हुए प्लास्टिक मुक्त गांव बनाने का आह्वान किया। उन्होंने गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखने और नियमित कचरा संग्रहण की व्यवस्था पर जोर दिया। साथ ही स्वच्छता कार्य में लगी महिलाओं के योगदान की सराहना की।

कार्यक्रम में आंगनबाड़ी भवन निर्माण के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। कलेक्टर ने बच्चों का अन्नप्राशन कर उन्हें आशीर्वाद दिया और “सुपोषित छत्तीसगढ़” एवं “बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़” की शपथ दिलाई।
इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत गोकुल रावटे, सरपंच, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।





