
जांजगीर-चांपा/ छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के अंतर्गत आने वाले ग्राम गौध में पैतृक जमीन को लेकर विवाद का एक गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि उनकी पुश्तैनी भूमि पर जबरन कब्जा कर मकान निर्माण किया जा रहा है और विरोध करने पर जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं।
पैतृक जमीन पर अवैध कब्जे का आरोप
पीड़ित रामचरण आदित्य, निवासी आजाद नगर बालको (कोरबा), ने पुलिस अधीक्षक को दी गई शिकायत में बताया कि ग्राम गौध स्थित उनके पिता की पैतृक और खरीदी गई जमीन पर अजय कुमार आदित्य द्वारा जबरन कब्जा कर निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है।
समझौते के बावजूद नहीं हुआ भुगतान
शिकायत के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच पहले एक आपसी समझौता हुआ था, जिसमें जमीन और खेत के एवज में कुल 2 लाख 55 हजार रुपये देने की सहमति बनी थी। इसमें पहले से बकाया 55 हजार रुपये भी शामिल थे। लेकिन आरोप है कि तय राशि देने के बाद भी आरोपी ने न तो भुगतान किया और न ही संपर्क किया।
समझाइश के बाद भी जारी रहा निर्माण
पीड़ित का कहना है कि उन्होंने अपने कुछ परिचितों के साथ आरोपी को समझाने का प्रयास किया, ताकि वह केवल अपने हिस्से की भूमि पर निर्माण करे। इसके बावजूद आरोपी ने अपनी जिद पर अड़े रहते हुए निर्माण कार्य जारी रखा।
पहले भी की गई थी शिकायत, कार्रवाई नहीं हुई
रामचरण आदित्य के अनुसार, इस पूरे मामले की शिकायत पहले भी नगर पुलिस अधीक्षक को दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से विवाद बढ़ता गया।
मोबाइल से धमकी मिलने का आरोप
पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया है कि उन्हें मोबाइल नंबर 8817595375 से लगातार मैसेज भेजकर धमकियां दी जा रही हैं। संदेशों में कहा जा रहा है कि जमीन और पैसे के मामले को छोड़ दिया जाए, अन्यथा गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
बच्ची से जुड़े मामले की आशंका की जांच की मांग
शिकायत पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि आरोपी पक्ष से जुड़े एक अन्य मामले में एक बच्ची के लापता होने और उसके साथ किसी अप्रिय घटना की आशंका जताई गई है। पीड़ित ने इस पहलू की भी गहन जांच की मांग की है।
एसपी से सख्त कार्रवाई की अपील
पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक जांजगीर-चांपा से आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने, जमीन विवाद का समाधान कराने और तय राशि दिलाने की मांग की है।
उच्च अधिकारियों को भी भेजी गई शिकायत
मामले की गंभीरता को देखते हुए शिकायत की प्रतिलिपि बिलासपुर रेंज के आईजी और छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक छत्तीसगढ़ को भी भेजी गई है।





