छत्तीसगढ़

जांजगीर-चांपा में तहसीलदार और नायब तहसीलदारों का ट्रांसफर, देखें लिस्ट

8 अधिकारियों की नवीन पदस्थापना, अकालतरा–बम्हनीडीह–शिवरीनारायण सहित कई तहसीलों में बदलाव

जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में प्रशासनिक स्तर पर बड़ा बदलाव किया गया है। कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने बुधवार को आदेश जारी कर जिले में पदस्थ तहसीलदार एवं नायब तहसीलदारों की नवीन पदस्थापना की है। यह आदेश प्रशासनिक आधार पर आगामी आदेश पर्यन्त अस्थायी रूप से लागू रहेगा।

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इस फैसले के बाद जिले की कई प्रमुख तहसीलों—अकालतरा, बम्हनीडीह, पामगढ़, शिवरीनारायण, बलौदा और नवागढ़—में नए अधिकारी पदभार संभालेंगे। प्रशासनिक दृष्टि से इसे महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है।

किन-किन अधिकारियों का हुआ तबादला? (पूरी सूची)

जारी आदेश के अनुसार निम्नलिखित अधिकारियों की पदस्थापना की गई है—

  • शशिभूषण सोनी – तहसीलदार अकालतरा से तहसीलदार बम्हनीडीह
  • अविनाश चौहान – तहसीलदार बम्हनीडीह से तहसीलदार अकालतरा
  • शालिनी तिवारी – अतिरिक्त तहसीलदार अकालतरा से अतिरिक्त तहसीलदार नवागढ़
  • महेंद्र लहरे – तहसीलदार पामगढ़ से तहसीलदार शिवरीनारायण
  • टिकेन्द्र नुरूटी – तहसीलदार शिवरीनारायण से तहसीलदार बलौदा
  • अमरनाथ श्याम – तहसीलदार बलौदा से तहसीलदार पामगढ़
  • संजय बरेठ – नायब तहसीलदार शिवरीनारायण से तहसीलदार बम्हनीडीह
  • चंद्रकुमार साहू – नायब तहसीलदार बम्हनीडीह से नायब तहसीलदार शिवरीनारायण

यह सभी पदस्थापनाएं तत्काल प्रभाव से लागू मानी जाएंगी।

प्रशासनिक दृष्टि से क्यों अहम है यह फैसला?

राजस्व विभाग जिले की प्रशासनिक रीढ़ माना जाता है। तहसीलदार और नायब तहसीलदार भूमि विवाद, नामांतरण, सीमांकन, राजस्व वसूली, प्राकृतिक आपदा राहत वितरण जैसे महत्वपूर्ण कार्यों की निगरानी करते हैं। ऐसे में इन पदों पर बदलाव सीधे तौर पर आम जनता से जुड़े कार्यों को प्रभावित करता है।

सूत्रों के अनुसार यह फेरबदल प्रशासनिक कसावट, कार्य दक्षता और बेहतर समन्वय को ध्यान में रखकर किया गया है। बदलते राजस्व मामलों और बढ़ती जनसंख्या को देखते हुए अनुभवी अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

किन तहसीलों में सबसे ज्यादा असर?

इस आदेश का सबसे अधिक प्रभाव अकालतरा, बम्हनीडीह और शिवरीनारायण तहसीलों में देखने को मिलेगा, जहां आपसी अदला-बदली की गई है।

  • अकालतरा और बम्हनीडीह में तहसीलदार स्तर पर सीधा एक्सचेंज
  • शिवरीनारायण में तहसीलदार और नायब तहसीलदार दोनों स्तर पर बदलाव
  • पामगढ़ और बलौदा में भी महत्वपूर्ण स्थानांतरण

इन बदलावों से राजस्व प्रकरणों के निस्तारण की गति तेज होने की उम्मीद जताई जा रही है।

जनता के लिए क्या बदलेगा?

विशेषज्ञों का मानना है कि प्रशासनिक बदलाव का उद्देश्य राजस्व सेवाओं को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाना है।

  • लंबित नामांतरण प्रकरणों में तेजी
  • सीमांकन और पटवारी रिपोर्ट की मॉनिटरिंग मजबूत
  • आपदा राहत मामलों में बेहतर समन्वय
  • राजस्व न्यायालयों में लंबित मामलों की समीक्षा

यदि नए अधिकारी सक्रिय रूप से काम करते हैं तो ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में जमीन संबंधी मामलों में राहत मिल सकती है।

आदेश कब तक रहेगा प्रभावी?

कलेक्टर कार्यालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार यह पदस्थापनाएं “अगामी आदेश पर्यन्त” अस्थायी रूप से लागू रहेंगी। यानी आवश्यकता पड़ने पर भविष्य में फिर से बदलाव संभव है।

प्रशासनिक फेरबदल: एक नजर में

कुल अधिकारी प्रभावित 8
तहसीलदार स्तर 6
नायब तहसीलदार स्तर 2
प्रमुख प्रभावित तहसीलें अकालतरा, बम्हनीडीह, शिवरीनारायण, पामगढ़, बलौदा, नवागढ़

क्या कहते हैं जानकार?

प्रशासनिक मामलों के जानकारों के अनुसार, जिले में समय-समय पर इस तरह के फेरबदल से कामकाज में नई ऊर्जा आती है। अधिकारी नए क्षेत्र में जाकर नई रणनीति और कार्यशैली के साथ काम करते हैं, जिससे राजस्व प्रशासन में सुधार देखने को मिलता है।

निष्कर्ष

जांजगीर-चांपा जिले में तहसीलदार और नायब तहसीलदारों की यह नवीन पदस्थापना प्रशासनिक दृष्टि से अहम मानी जा रही है। कलेक्टर जन्मेजय महोबे द्वारा जारी इस आदेश से राजस्व विभाग में नई जिम्मेदारियों के साथ कार्य की गति तेज होने की संभावना है।

अब देखना होगा कि नए अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में किस तरह कार्यशैली अपनाते हैं और जनता को कितनी राहत मिलती है।

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