
जांजगीर-चांपा / जिले में साइबर पुलिस की सक्रियता से एक बड़ी सफलता सामने आई है। सायबर थाना जांजगीर-चांपा की टीम ने पिछले दो महीनों में अलग-अलग जिलों और राज्यों से कुल 219 गुम मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिया है। बरामद किए गए मोबाइल फोन की अनुमानित कीमत करीब 26 लाख 28 हजार रुपये बताई जा रही है।
मोबाइल वापस मिलने के बाद लोगों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी। कई लोगों ने पुलिस टीम का धन्यवाद करते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उनका गुम हुआ फोन दोबारा मिल पाएगा।
दो महीने में 219 मोबाइल बरामद
पुलिस के अनुसार 1 जनवरी 2026 से 7 मार्च 2026 के बीच साइबर सेल ने लगातार अभियान चलाकर गुम हुए मोबाइल फोन को ट्रेस किया। तकनीकी विश्लेषण और CEIR पोर्टल की मदद से अलग-अलग जिलों और राज्यों में उपयोग किए जा रहे मोबाइल फोन का पता लगाया गया।
इसके बाद संबंधित मोबाइल धारकों से संपर्क कर फोन को बंद करवाया गया और उन्हें साइबर सेल में जमा कराने के लिए कहा गया। कई मामलों में मोबाइल अन्य राज्यों में पाए गए, जिन्हें पुलिस समन्वय के माध्यम से वापस मंगाया गया।
किन-किन कंपनियों के मोबाइल मिले
बरामद किए गए 219 मोबाइल फोन कई अलग-अलग कंपनियों के हैं। इनमें प्रमुख रूप से निम्न ब्रांड शामिल हैं:
- Vivo – 57 मोबाइल
- Realme – 41 मोबाइल
- Redmi – 29 मोबाइल
- Oppo – 23 मोबाइल
- Poco – 19 मोबाइल
- OnePlus – 9 मोबाइल
- Motorola – 9 मोबाइल
- Samsung – 8 मोबाइल
- Tecno – 6 मोबाइल
- Infinix – 5 मोबाइल
- iQOO – 5 मोबाइल
- Nothing – 5 मोबाइल
- Itel – 1 मोबाइल
- AI Plus – 1 मोबाइल
- Apple – 1 मोबाइल
इन सभी मोबाइल फोन की कुल अनुमानित कीमत 26 लाख 28 हजार रुपये बताई गई है।
कई जिलों से बरामद किए गए मोबाइल
साइबर टीम ने केवल जांजगीर-चांपा जिले में ही नहीं बल्कि अन्य जिलों से भी गुम मोबाइल फोन बरामद किए। बरामदगी के लिए बिलासपुर, कोरबा, रायगढ़, रायपुर, दुर्ग, सक्ती जिलों से मोबाइल खोजे गए
कुछ मोबाइल फोन अन्य राज्यों में भी उपयोग होते पाए गए। ऐसे मामलों में संबंधित राज्यों की पुलिस से समन्वय स्थापित कर मोबाइल को बरामद किया गया।
CEIR पोर्टल से मिली बड़ी मदद
मोबाइल खोजने के इस अभियान में CEIR (Central Equipment Identity Register) पोर्टल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह पोर्टल भारत सरकार द्वारा लॉन्च किया गया है, जिसके माध्यम से गुम या चोरी हुए मोबाइल फोन को ब्लॉक और ट्रैक किया जा सकता है।
पुलिस के अनुसार यदि कोई व्यक्ति अपना मोबाइल खो देता है तो वह CEIR पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर सकता है। इसके बाद मोबाइल का IMEI नंबर ब्लॉक कर दिया जाता है और उसका उपयोग ट्रेस किया जा सकता है। इसी तकनीक के माध्यम से कई मोबाइल फोन की लोकेशन पता लगाकर उन्हें बरामद किया गया।
पुलिस टीम ने ऐसे किया ऑपरेशन
इस पूरे अभियान को जिले के पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय (IPS) के निर्देशन में चलाया गया।
साइबर टीम का गठन कर गुम मोबाइल की खोजबीन के लिए विशेष अभियान शुरू किया गया। इस अभियान में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश कुमार कश्यप के मार्गदर्शन और CSP योगिताबाली खापर्डे के नेतृत्व में टीम ने तकनीकी विश्लेषण के जरिए मोबाइल फोन का पता लगाया।
जब मोबाइल किसी अन्य व्यक्ति के पास उपयोग होता मिला तो उसे जानकारी देकर फोन बंद करवाया गया और साइबर सेल में जमा करने के लिए कहा गया। कई मामलों में मोबाइल को कूरियर के माध्यम से भी मंगाया गया।
कुछ लोगों ने यह जानने के बाद कि वे गुम मोबाइल उपयोग कर रहे हैं, स्वयं भी फोन कूरियर करके पुलिस को भेज दिया।
इन पुलिसकर्मियों का रहा अहम योगदान
इस अभियान में साइबर सेल प्रभारी निरीक्षक सागर पाठक सहित ASI विवेक सिंह, प्रधान आरक्षक विवेक सिंह, मनोज तिग्गा, राजकुमार चंद्रा, विशाल कौशिक, आशुतोष कर्ष, गिरीश कश्यप, प्रदीप दुबे, शहबाज अहमद, माखन साहू, प्रतीक सिंह, आनंद सिंह, सिदार पैकरा, महिला आरक्षक दिव्या सिंह, अंजना लकड़ा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इन सभी की संयुक्त मेहनत से इतने कम समय में बड़ी संख्या में मोबाइल फोन बरामद किए जा सके।
पुलिस की नागरिकों से अपील
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति को रास्ते में कोई मोबाइल फोन गिरा हुआ मिले तो उसे अपने पास रखने के बजाय तुरंत नजदीकी पुलिस थाने में जमा करें।
इसके अलावा पुलिस ने लोगों को कुछ महत्वपूर्ण सावधानियां भी बताई हैं:
- बिना बिल के मोबाइल फोन न खरीदें।
- मोबाइल खरीदते समय बिल में IMEI नंबर जरूर देखें।
- मोबाइल गुम या चोरी होने पर तुरंत CEIR पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें।
- अपने मोबाइल फोन में पासवर्ड या लॉक अवश्य लगाएं।
पुलिस का कहना है कि जागरूकता और सतर्कता से ही साइबर अपराध और मोबाइल चोरी जैसी घटनाओं से बचा जा सकता है।
मोबाइल मिलने पर लोगों के चेहरे खिले
मोबाइल वापस मिलने के बाद कई लोगों ने कहा कि उनके लिए यह सिर्फ एक फोन नहीं बल्कि महत्वपूर्ण डेटा और यादों का भी हिस्सा था। कई छात्रों, व्यापारियों और कर्मचारियों ने पुलिस टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उनका गुम हुआ फोन वापस मिल जाएगा।
इस कार्रवाई के बाद जांजगीर-चांपा पुलिस की कार्यशैली की लोगों ने काफी सराहना की है।





