छत्तीसगढ़ को केंद्र की बड़ी राहत: प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए 15.70 करोड़ रुपये की अतिरिक्त सहायता मंजूर

रायपुर, 13 मार्च 2026। प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित राज्यों की मदद के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय समिति की बैठक में वर्ष 2025 के दौरान आई विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित राज्यों के लिए 1,912.99 करोड़ रुपये की अतिरिक्त केंद्रीय सहायता को मंजूरी दी गई है। इस फैसले के तहत Chhattisgarh को 15.70 करोड़ रुपये की अतिरिक्त सहायता प्रदान की जाएगी।
मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए केंद्र सरकार द्वारा दी गई इस सहायता पर आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि इस अतिरिक्त राशि से राज्य में राहत और पुनर्वास कार्यों को गति मिलेगी और आपदा प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को तत्काल सहायता पहुंचाई जा सकेगी।
केंद्र सरकार के अनुसार यह राशि National Disaster Response Fund (NDRF) से जारी की जाएगी। इसका उद्देश्य बाढ़, फ्लैश फ्लड, बादल फटना, भूस्खलन और चक्रवाती तूफान जैसी प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित क्षेत्रों में राहत, पुनर्वास और पुनर्निर्माण कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाना है।
सरकार ने बताया कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में केंद्र सरकार आपदा के समय राज्यों के साथ मजबूती से खड़ी है और हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। आपदा प्रभावित राज्यों को राहत और पुनर्वास के लिए जरूरी संसाधन उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।
गौरतलब है कि यह सहायता पहले से जारी किए गए फंड के अतिरिक्त है। वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान केंद्र सरकार ने आपदा प्रबंधन के लिए राज्यों को पहले ही बड़ी राशि उपलब्ध कराई है। State Disaster Response Fund (SDRF) के तहत 28 राज्यों को 20,735.20 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।
वहीं National Disaster Response Fund (NDRF) के माध्यम से 21 राज्यों को 3,628.18 करोड़ रुपये की सहायता दी गई है। इसके अलावा आपदा जोखिम को कम करने और दीर्घकालिक सुरक्षा उपायों को मजबूत बनाने के लिए State Disaster Mitigation Fund (SDMF) से 23 राज्यों को 5,373.20 करोड़ रुपये तथा National Disaster Mitigation Fund (NDMF) से 21 राज्यों को 1,189.56 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस अतिरिक्त सहायता से आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों को तेज किया जा सकेगा और भविष्य में आपदाओं से निपटने की तैयारियों को भी मजबूत किया जाएगा।





