अबूझमाड़ की बेटी वनिता नेताम ने ‘आदि पर्व 2026’ में रचा इतिहास, वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ नाम

रायपुर, 17 मार्च 2026: छत्तीसगढ़ की जनजातीय संस्कृति को वैश्विक पहचान दिलाने वाले भव्य आयोजन आदि पर्व 2026 में नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र की बेटी वनिता नेताम ने इतिहास रच दिया है। पारंपरिक वेशभूषा और संस्कृति की शानदार प्रस्तुति के जरिए उन्होंने न सिर्फ दर्शकों का दिल जीता, बल्कि अपना नाम वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज करा लिया।

आदिवासी संस्कृति की दिखी भव्य झलक
नवा रायपुर स्थित आदिवासी संग्रहालय में 13 और 14 मार्च 2026 को आयोजित आदि पर्व 2026 में प्रदेशभर की जनजातियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान पारंपरिक वेशभूषा, लोक नृत्य, गीत-संगीत और सांस्कृतिक परंपराओं का अद्भुत संगम देखने को मिला। कार्यक्रम ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध आदिवासी विरासत को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया।
वनिता नेताम बनीं आकर्षण का केंद्र
अबूझमाड़ की वनिता नेताम ने पारंपरिक जनजातीय पोशाक और आभूषणों के साथ मंच पर अपनी संस्कृति की प्रस्तुति दी। उनकी वेशभूषा की मौलिकता और सांस्कृतिक पहचान ने सभी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। दर्शकों और निर्णायकों ने उनकी प्रस्तुति की जमकर सराहना की।
गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज हुआ नाम
कार्यक्रम के दौरान आयोजित ट्राइबल अटायर शो को Golden Book of World Records में शामिल किया गया। इस ऐतिहासिक उपलब्धि का हिस्सा बनकर वनिता नेताम ने भी अपना नाम वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज कराया। यह उपलब्धि न केवल उनके लिए, बल्कि पूरे नारायणपुर जिले और अबूझमाड़ क्षेत्र के लिए गर्व का क्षण है।
आदिवासी विरासत को मिल रही नई पहचान
आदि पर्व 2026 का उद्देश्य आदिवासी संस्कृति, परंपरा और विरासत को संरक्षित करना और उसे राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से जनजातीय समाज की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान को एक नया मंच मिल रहा है।





