1 लाख की रिश्वत लेते जनपद पंचायत CEO समेत 3 गिरफ्तार, ACB की बड़ी कार्रवाई

सक्ती जिले में ACB की बड़ी कार्रवाई। जनपद पंचायत सक्ती के CEO निखिल कश्यप समेत तीन कर्मचारी 1 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार। प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के भुगतान के बदले मांगा गया था कमीशन।
सक्ती, 16 जून 2026। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जनपद पंचायत सक्ती के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) सहित तीन कर्मचारियों को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोप है कि प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत स्वीकृत विकास कार्यों की राशि जारी करने के एवज में 2 लाख रुपये कमीशन की मांग की गई थी।
एसीबी बिलासपुर की टीम ने ट्रैप कार्रवाई के दौरान जनपद पंचायत सक्ती के CEO निखिल कश्यप, सहायक ग्रेड-3 अविनाश ठाकुर और भृत्य लच्छन भानु को 1 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया।
क्या है पूरा मामला?
एसीबी के अनुसार ग्राम लिमतरा निवासी अरुण कुमार भारद्वाज ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी माता ग्राम पंचायत लिमतरा की सरपंच हैं। प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के अंतर्गत पंचायत में निर्मला घाट, नाली निर्माण एवं अन्य विकास कार्यों के लिए 20 लाख रुपये स्वीकृत हुए थे।
योजना के तहत 8 लाख रुपये का भुगतान पहले ही किया जा चुका था, जबकि शेष 12 लाख रुपये की राशि जारी होना बाकी थी। भुगतान प्रक्रिया पूरी करने के लिए शिकायतकर्ता को अधिकृत किया गया था।
12 लाख रुपये के भुगतान के बदले मांगे 2 लाख
शिकायत के अनुसार जब अरुण भारद्वाज ने शेष 12 लाख रुपये की राशि जारी कराने के लिए जनपद पंचायत कार्यालय से संपर्क किया, तब CEO निखिल कश्यप और बाबू अविनाश ठाकुर ने कथित रूप से 2 लाख रुपये रिश्वत की मांग की।
शिकायतकर्ता रिश्वत नहीं देना चाहता था, इसलिए उसने एंटी करप्शन ब्यूरो बिलासपुर में शिकायत दर्ज कराई।
जांच में हुआ खुलासा
एसीबी की प्रारंभिक जांच में पता चला कि आरोपियों द्वारा पहले ही 1 लाख रुपये की रिश्वत कार्यालय के भृत्य लच्छन भानु के माध्यम से ली जा चुकी थी। इसके बाद शेष 1 लाख रुपये की मांग की जा रही थी।
ऐसे हुई ट्रैप कार्रवाई
15 जून 2026 को एसीबी की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप बिछाया। शिकायतकर्ता को जनपद पंचायत कार्यालय भेजा गया। आरोप है कि CEO निखिल कश्यप ने रिश्वत की रकम लेने के लिए बाबू अविनाश ठाकुर को निर्देश दिए, जबकि अविनाश ठाकुर ने राशि भृत्य लच्छन भानु को लेने के लिए कहा।
जैसे ही शिकायतकर्ता ने 1 लाख रुपये की रिश्वत राशि लच्छन भानु को सौंपी, पहले से मौजूद एसीबी अधिकारियों ने दबिश देकर तीनों आरोपियों को रंगे हाथ पकड़ लिया और रिश्वत की रकम बरामद कर ली।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज
एसीबी ने तीनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 और 12 के तहत मामला दर्ज किया है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।
सक्ती जिले में हुई इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है। इससे सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर सख्त संदेश गया है।





