सुपोषित ग्राम पंचायत पुरस्कार 2026: जांजगीर-चांपा जिले की 3 पंचायतें राष्ट्रीय स्तर पर चयनित, 2 अप्रैल को होगा सम्मान

जांजगीर-चांपा, 17 मार्च 2026। कुपोषण मुक्त भारत की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि सामने आई है। “सुपोषित ग्राम पंचायत अभियान” के तहत जांजगीर-चांपा जिले की तीन ग्राम पंचायतों का राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान के लिए चयन किया गया है। चयनित पंचायतों को 2 अप्रैल 2026 को नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित समारोह में सम्मानित किया जाएगा।
यह अभियान पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा 26 दिसंबर 2024 को शुरू किया गया था, जिसका उद्देश्य देशभर में पोषण और स्वास्थ्य स्तर को सुधारते हुए कुपोषण को जड़ से खत्म करना है।
इन पंचायतों का हुआ चयन
जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग के अनुसार जिले से निम्न पंचायतों का चयन हुआ है:
- परियोजना बम्हनीडीह अंतर्गत
- ग्राम पंचायत हथनेवरा
- ग्राम पंचायत सोनादह
- परियोजना जांजगीर अंतर्गत
- ग्राम पंचायत दर्री
ऐसे होता है चयन
इस अभियान के तहत पूरे देश से:
- 900 सर्वश्रेष्ठ ग्राम पंचायत
- 100 वार्ड
का चयन किया जाता है। यह चयन पोषण ट्रैकर ऐप में दर्ज आंकड़ों के आधार पर किया जाता है।
मिलेगा 1 लाख रुपये का पुरस्कार
चयनित प्रत्येक ग्राम पंचायत को:
- ₹1 लाख की प्रोत्साहन राशि
- सरपंच/पंच और एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को सम्मान
प्रदान किया जाएगा। यह पुरस्कार पंचायतों को कुपोषण के खिलाफ सक्रिय भूमिका निभाने और बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित करता है।
कुपोषण मुक्त भारत की ओर कदम
“सुपोषित ग्राम पंचायत अभियान” का मुख्य उद्देश्य:
- ग्रामीण स्तर पर पोषण सुधार
- बच्चों और महिलाओं के स्वास्थ्य में वृद्धि
- कुपोषण दर में कमी
इस उपलब्धि से जांजगीर-चांपा जिले का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन हुआ है।





