छत्तीसगढ़

SAKTI NEWS: वेदांता पावर प्लांट में बॉयलर फटने से बड़ा हादसा, जिला प्रशासन की तत्परता से राहत-बचाव कार्य तेज, मजिस्ट्रियल जांच के आदेश

घायलों का इलाज जारी

सक्ती, 14 अप्रैल 2026। जिले के ग्राम सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में सोमवार को एक भीषण औद्योगिक हादसा हो गया, जब प्लांट के भीतर बॉयलर में अचानक विस्फोट हो गया। इस घटना में कई मजदूरों के घायल होने की सूचना है, जबकि कुछ की स्थिति गंभीर बताई जा रही है। हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

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घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस महकमा तुरंत सक्रिय हो गया और राहत एवं बचाव कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शुरू कर दिया गया।

जिला प्रशासन की तत्परता से राहत कार्य तेज

हादसे की जानकारी मिलते ही सक्ती कलेक्टर अमृत विकास तोपनो और पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल कुमार ठाकुर तत्काल मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने घटनास्थल पर ही राहत और बचाव कार्यों की कमान संभालते हुए सभी संबंधित विभागों को अलर्ट कर दिया।

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प्रशासन द्वारा तत्काल एम्बुलेंस, मेडिकल टीम और आपातकालीन संसाधनों को सक्रिय किया गया, जिससे घायलों को तेजी से नजदीकी अस्पतालों में पहुंचाया जा सका। अस्पतालों में डॉक्टरों की विशेष टीम तैनात की गई है और घायलों का इलाज प्राथमिकता के आधार पर जारी है।

स्थिति नियंत्रण में, लगातार निगरानी जारी

जिला प्रशासन के अनुसार फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और राहत कार्य लगातार जारी हैं। प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौके पर मौजूद रहकर पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

स्थानीय प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और पूरे मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है।

मजिस्ट्रियल जांच के आदेश

घटना की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर अमृत विकास तोपनो ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया है कि हादसे के सभी पहलुओं की विस्तृत जांच की जाए और जल्द से जल्द विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।

जांच में यह पता लगाया जाएगा कि बॉयलर विस्फोट के पीछे तकनीकी खराबी, सुरक्षा मानकों की अनदेखी या कोई अन्य कारण जिम्मेदार था।

कलेक्टर और एसपी का बयान

कलेक्टर ने कहा कि प्रशासन की टीम सूचना मिलते ही तत्काल सक्रिय हो गई और घायलों को प्राथमिकता के आधार पर अस्पताल पहुंचाया गया।

उन्होंने कहा,
“घटना की जानकारी मिलते ही पूरी प्रशासनिक मशीनरी सक्रिय हो गई। हमारा पहला प्रयास घायलों को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाना था, जिसे तुरंत किया गया है। सभी को बेहतर इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है और मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए गए हैं।”

वहीं पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल कुमार ठाकुर ने बताया कि राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है और सभी घायलों को तेजी से अस्पताल पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है और किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होने दी जाएगी।

घटना के बाद इलाके में दहशत

हादसे के बाद प्लांट परिसर और आसपास के क्षेत्रों में दहशत का माहौल देखा गया। स्थानीय लोग और मजदूर घटना के बाद सुरक्षित स्थानों की ओर चले गए। प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया है।

प्रशासनिक अलर्ट और समन्वय

जिला प्रशासन द्वारा सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। स्वास्थ्य विभाग, पुलिस, फायर ब्रिगेड और आपदा प्रबंधन टीम के बीच समन्वय स्थापित कर राहत कार्यों को तेज किया गया है।

प्रशासन का कहना है कि घायलों के इलाज में किसी भी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी और स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

वेदांता पावर प्लांट में हुए इस भीषण बॉयलर हादसे ने औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्थाओं पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि जिला प्रशासन की तत्परता से स्थिति पर नियंत्रण पा लिया गया है और राहत कार्य तेजी से जारी हैं, लेकिन हादसे की असली वजह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

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