छत्तीसगढ़

Janjgir Champa: चमत्कार के नाम पर महिला से अनाचार, फर्जी इंस्टाग्राम से ब्लैकमेल करने वाला ढोंगी बाबा हिमाचल से गिरफ्तार

पामगढ़ पुलिस की बड़ी कार्रवाई, आरोपी को धर्मशाला से पकड़कर भेजा गया न्यायिक रिमांड पर

जांजगीर-चांपा | 22 अप्रैल 2026। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में अंधविश्वास का फायदा उठाकर महिला के साथ गंभीर अपराध करने का मामला सामने आया है। पामगढ़ थाना पुलिस ने चमत्कार के नाम पर महिला से अनाचार और सोशल मीडिया के जरिए ब्लैकमेल करने वाले एक ढोंगी बाबा को हिमाचल प्रदेश से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।

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गिरफ्तार आरोपी

पुलिस के अनुसार, आरोपी स्वामी निर्मल जी उर्फ निर्मल बाबा (उम्र 60 वर्ष), जो मूल रूप से महाराष्ट्र के नाशिक का निवासी है, ने खुद को चमत्कारी बाबा बताकर लोगों को झांसे में लिया। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 64(2) (एम) और आईटी एक्ट की धारा 67 के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

क्या है पूरा मामला?

पीड़िता ने 11 अप्रैल 2026 को थाना पामगढ़ में रिपोर्ट दर्ज कराई। उसने बताया कि चैत्र नवरात्रि के दौरान आरोपी पामगढ़ क्षेत्र के एक गांव में पदयात्रा करते हुए पहुंचा था और लोगों की समस्याओं को “चमत्कार” से ठीक करने का दावा कर रहा था।

पीड़िता अपनी सहेली के साथ आरोपी से मिलने गई, जहां उसने हाथ देखकर इलाज का भरोसा दिया और मोबाइल नंबर ले लिया। इसके बाद 26 मार्च को आरोपी ने पीड़िता को पामगढ़ के बाजार में बुलाया और “प्रसाद” देकर अपने साथ चलने के लिए बहलाया।

आरोपी के झांसे में आकर पीड़िता उसके साथ बिलासपुर और फिर ट्रेन से मध्य प्रदेश के मैहर पहुंची। वहां एक होटल में ठहराकर आरोपी ने इलाज के नाम पर कई बार जबरदस्ती अनाचार किया।

सोशल मीडिया से ब्लैकमेलिंग

घटना के बाद आरोपी 1 अप्रैल को पीड़िता को बिलासपुर में छोड़कर फरार हो गया। घर लौटने के बाद जब पीड़िता ने आरोपी का नंबर ब्लॉक किया, तो उसने फर्जी इंस्टाग्राम आईडी बनाकर अश्लील फोटो पोस्ट कर उसे वायरल कर दिया और ब्लैकमेल करने लगा।

पुलिस की बड़ी कार्रवाई

मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रभारी पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में विशेष टीम गठित की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और एसडीओपी के मार्गदर्शन में पामगढ़ पुलिस ने 21 अप्रैल 2026 को हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया, जिसके बाद उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

अंधविश्वास से रहें सावधान

यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि अंधविश्वास और चमत्कार के नाम पर लोगों को ठगने वाले अपराधी समाज में सक्रिय हैं। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि ऐसे किसी भी व्यक्ति के झांसे में न आएं और संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना पुलिस को दें।

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