देश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहुंचे सोमनाथ मंदिर, “अमृतपर्व” कार्यक्रम में लिया हिस्सा, हुआ भव्य रोड शो

नई दिल्ली / प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को गुजरात स्थित Somnath Temple पहुंचकर “अमृतपर्व” कार्यक्रम में हिस्सा लिया। यह पहली बार है जब किसी प्रधानमंत्री ने इस ऐतिहासिक आयोजन में भाग लिया है। प्रधानमंत्री के आगमन को लेकर पूरे सोमनाथ क्षेत्र में भारी उत्साह और सुरक्षा व्यवस्था देखने को मिली।

प्रधानमंत्री मोदी के स्वागत के लिए शहर को विशेष रूप से सजाया गया था। उनके आगमन पर हजारों लोगों ने सड़क किनारे खड़े होकर उनका अभिवादन किया। इस दौरान प्रधानमंत्री ने भव्य रोड शो भी किया, जिसमें बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता, संत-महात्मा और आम लोग शामिल हुए।

20260511 163839 Console Crptech

सोमनाथ मंदिर पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने भगवान शिव की पूजा-अर्चना की और देश की सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ उनका स्वागत किया गया। इसके बाद उन्होंने “अमृतपर्व” कार्यक्रम में हिस्सा लिया और उपस्थित लोगों को संबोधित किया।

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सोमनाथ मंदिर भारत की आस्था, संस्कृति और पुनर्जागरण का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह मंदिर केवल धार्मिक स्थल नहीं बल्कि भारत की सनातन परंपरा और आत्मविश्वास का प्रतीक भी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अपनी सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक विकास के साथ आगे बढ़ा रहा है।

कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने सोमनाथ क्षेत्र में पर्यटन और आधारभूत सुविधाओं से जुड़ी कई विकास परियोजनाओं की भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि गुजरात और विशेष रूप से सोमनाथ देश-विदेश के श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र बन चुका है।

प्रधानमंत्री के दौरे को देखते हुए पूरे क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। बड़ी संख्या में पुलिस बल और सुरक्षा एजेंसियों के जवान तैनात रहे। प्रधानमंत्री के रोड शो के दौरान लोगों में जबरदस्त उत्साह दिखाई दिया और जगह-जगह फूल बरसाकर उनका स्वागत किया गया।

राजनीतिक जानकारों के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सोमनाथ मंदिर का भारतीय राजनीति और इतिहास में विशेष महत्व रहा है और प्रधानमंत्री का “अमृतपर्व” कार्यक्रम में शामिल होना एक ऐतिहासिक क्षण माना जा रहा है।

Related Articles

Back to top button