CG NEWS: नशीली दवाओं के खिलाफ प्रशासन का बड़ा एक्शन, अवैध क्लीनिक और मेडिकल स्टोर सील, नशीली दवाओं की बिक्री पर सख्ती

फर्जी क्लीनिक और मेडिकल स्टोर्स पर छापा
एमसीबी, 19 मई 2026। जिले में नारकोटिक और प्रतिबंधित दवाओं की अवैध बिक्री तथा बिना अनुमति संचालित फर्जी क्लीनिकों के खिलाफ जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। भरतपुर-जनकपुर क्षेत्र में संयुक्त जांच दल ने मेडिकल स्टोर्स और संदिग्ध क्लीनिकों में सघन जांच अभियान चलाकर कई अनियमितताओं का खुलासा किया।
दैनिक समाचार पत्र में प्रकाशित “जनकपुर में मेडिकल नशे का फैल रहा जाल” खबर को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर संतन देवी जाँगड़े के निर्देश पर एसडीएम भरतपुर ने संयुक्त जांच दल का गठन किया। इसके बाद रामगढ़ और जनकपुर क्षेत्र में औचक निरीक्षण शुरू किया गया।
नारकोटिक दवाओं और दस्तावेजों की हुई जांच
संयुक्त टीम ने मेडिकल स्टोर्स में नारकोटिक्स दवाओं के स्टॉक, बिक्री रिकॉर्ड, दवा पंजी और वैधानिक दस्तावेजों की गहन जांच की। प्रशासन ने विशेष रूप से प्रतिबंधित दवाओं के अवैध विक्रय और बिना अनुमति चिकित्सा गतिविधियों पर फोकस किया।
अवैध क्लीनिक और मेडिकल स्टोर किए गए सील
जांच के दौरान रामगढ़ स्थित मंजू मेडिकल स्टोर्स और उसके पास संचालित अवैध क्लीनिक में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। नर्सिंग होम एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए प्रशासन ने मेडिकल स्टोर और क्लीनिक को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया।
पांच मेडिकल स्टोर्स को नोटिस जारी
निरीक्षण के दौरान पांच अन्य मेडिकल स्टोर्स में भी नियमों का उल्लंघन पाया गया। इसके बाद संबंधित संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। इनमें प्रदीप मेडिकल स्टोर्स, आलिया मेडिकल स्टोर्स, केसरवानी मेडिकल एंड जनरल स्टोर्स, सिंह मेडिकल स्टोर्स और न्यू गुप्ता मेडिकल स्टोर्स शामिल हैं।
प्रशासन ने दी सख्त चेतावनी
जिला प्रशासन ने साफ कहा है कि बिना अनुमति क्लीनिक संचालन, प्रतिबंधित दवाओं की अवैध बिक्री और औषधि नियमों के उल्लंघन पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आने वाले समय में भी ऐसे जांच अभियान लगातार जारी रहेंगे।
वरिष्ठ अधिकारियों की रही मौजूदगी
इस अभियान में एसडीएम भरतपुर, तहसीलदार भरतपुर, तहसीलदार कुवारपुर, बीएमओ, ड्रग्स इंस्पेक्टर, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और पुलिस बल शामिल रहे।
आमजन से सहयोग की अपील
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि यदि कहीं फर्जी क्लीनिक, बिना पंजीयन इलाज या प्रतिबंधित दवाओं की अवैध बिक्री की जानकारी मिले तो तुरंत प्रशासन को सूचित करें।

