छत्तीसगढ़

तमिलनाडु में बंधक बनाए गए जांजगीर-चांपा के 50 श्रमिकों, महिलाओं और बच्चों की होगी सुरक्षित वापसी, प्रशासन ने शुरू की कार्रवाई

तमिलनाडु में बंधक बनाकर रखे गए जांजगीर-चांपा जिले के 41 श्रमिकों सहित 50 लोगों को मुक्त कराया गया। जिला प्रशासन उनकी सुरक्षित वापसी और आर्थिक सहायता की व्यवस्था कर रहा है।

जांजगीर-चांपा। तमिलनाडु राज्य में बंधक बनाकर रखे गए जांजगीर-चांपा जिले के 41 श्रमिकों सहित महिलाओं और बच्चों समेत कुल 50 लोगों की सुरक्षित वापसी के लिए जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी है। श्रमिकों को तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले के देवांद्वकाम ग्राम में काम कराने के लिए ले जाया गया था, जहां उन्हें उचित मजदूरी नहीं दी जा रही थी और कथित रूप से जबरन कार्य कराया जा रहा था।

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मामले की शिकायत मिलने के बाद तिरुवल्लूर जिला प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए श्रमिकों का रेस्क्यू कराया। इसकी जानकारी मिलते ही जांजगीर-चांपा कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने मामले में संज्ञान लेते हुए तमिलनाडु प्रशासन और स्थानीय अधिकारियों से संपर्क स्थापित किया तथा श्रमिकों की स्थिति की जानकारी ली।

स्थानीय प्रशासन और संबंधित एनजीओ के सहयोग से सभी श्रमिकों को मुक्त करा लिया गया है। इनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। कलेक्टर ने स्वयं दूरभाष के माध्यम से श्रमिकों से चर्चा कर उनका हालचाल जाना और किसी भी समस्या की स्थिति में तत्काल जिला प्रशासन को सूचित करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने श्रमिकों को भरोसा दिलाया कि जिला प्रशासन उनके साथ पूरी मजबूती से खड़ा है और उनकी सुरक्षित घर वापसी सुनिश्चित की जाएगी। प्रशासन द्वारा लगातार निगरानी रखी जा रही है तथा तिरुवल्लूर प्रशासन ने श्रमिकों के लिए भोजन, यात्रा टिकट और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की है। साथ ही सभी को अवमुक्ति प्रमाण पत्र भी प्रदान किए गए हैं।

श्रम पदाधिकारी समीर मिश्रा ने बताया कि जिला प्रशासन लगातार श्रमिकों और तमिलनाडु प्रशासन के संपर्क में है। श्रमिकों के अपने गृह ग्राम पहुंचने तक समन्वय बनाए रखा जाएगा। इसके अलावा प्रभावित श्रमिकों को आवश्यक आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

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