छत्तीसगढ़

जन्म से बंद थे मलद्वार और मूत्र मार्ग, दो सफल ऑपरेशनों ने बदल दी मासूम अरुलेश की जिंदगी

बस्तर के तीन वर्षीय अरुलेश बघेल का जन्म से बंद मलद्वार और मूत्र मार्ग दो सफल ऑपरेशनों के बाद ठीक हुआ। आयुष्मान योजना के तहत मिला निःशुल्क उपचार, अब बच्चा सामान्य जीवन जी रहा है।

जगदलपुर। बस्तर जिले के तोकापाल विकासखंड के ग्राम छापर भानपुरी निवासी तीन वर्षीय अरुलेश बघेल के जीवन में अब नई उम्मीद और खुशियां लौट आई हैं। जन्म से ही गंभीर जन्मजात विकार से पीड़ित अरुलेश का मलद्वार और मूत्र मार्ग बंद था, जिसके कारण उसे लगातार स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था। विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में हुए दो सफल ऑपरेशनों के बाद अब वह सामान्य बच्चों की तरह जीवन जी रहा है।

परिजनों के अनुसार जन्म के समय से ही अरुलेश को मल त्याग और मूत्र त्याग में गंभीर परेशानी होती थी। बच्चे की तकलीफ देखकर परिवार लगातार चिंतित रहता था। वर्ष 2025 में स्वास्थ्य जांच के दौरान उसकी बीमारी की गंभीरता सामने आई, जिसके बाद उसे बेहतर उपचार के लिए रायपुर स्थित मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया।

आयुष्मान भारत योजना के तहत अरुलेश का उपचार निःशुल्क किया गया। जून 2025 में विशेषज्ञ डॉक्टरों ने उसका पहला ऑपरेशन कर मलद्वार का सफल निर्माण किया। ऑपरेशन के बाद बच्चे के स्वास्थ्य में तेजी से सुधार देखने को मिला और परिवार को राहत मिली।

इसके बाद चिकित्सकों की निगरानी में उसका इलाज जारी रखा गया। विशेषज्ञों की सलाह पर फरवरी 2026 में मूत्र मार्ग की समस्या को दूर करने के लिए दूसरा ऑपरेशन किया गया। यह जटिल सर्जरी भी पूरी तरह सफल रही। लगातार चिकित्सा देखभाल और उपचार के चलते अब अरुलेश स्वस्थ है और सामान्य बच्चों की तरह खेल-कूद तथा दैनिक गतिविधियों में हिस्सा ले रहा है।

अरुलेश के पिता तुलसीदास बघेल ने बताया कि बेटे को स्वस्थ देखकर पूरे परिवार में खुशी का माहौल है। उन्होंने कहा कि सबसे अधिक खुशी बच्चे की दादी को हुई है, जो उसके साथ सबसे ज्यादा समय बिताती हैं। परिवार ने स्थानीय स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, मेडिकल कॉलेज अस्पताल रायपुर के विशेषज्ञ डॉक्टरों और उपचार प्रक्रिया से जुड़े सभी कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया।

उन्होंने आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से मिली निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधा के लिए सरकार का भी धन्यवाद दिया। उनका कहना है कि इस योजना ने न केवल महंगे इलाज का खर्च बचाया, बल्कि परिवार को मानसिक रूप से भी बड़ी राहत प्रदान की।

Related Articles

Back to top button