छत्तीसगढ़

उर्वरक वितरण में गड़बड़ी पर बड़ी कार्रवाई: जांजगीर-चांपा में 6 कृषि केंद्रों के लाइसेंस निलंबित एवं निरस्त

जांजगीर-चांपा में कृषि विभाग की बड़ी कार्रवाई। उर्वरक वितरण में अनियमितता पाए जाने पर 5 निजी कृषि केंद्रों के लाइसेंस 21 दिनों के लिए निलंबित और 1 का लाइसेंस स्थायी रूप से निरस्त किया गया।

जांजगीर-चांपा, 20 जून 2026। खरीफ सीजन में किसानों को निर्धारित दर पर गुणवत्तायुक्त उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए कृषि विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए जिले के छह निजी कृषि केंद्रों पर कार्रवाई की है। उर्वरक वितरण में अनियमितता पाए जाने पर पांच कृषि केंद्रों के लाइसेंस 21 दिनों के लिए निलंबित कर दिए गए हैं, जबकि एक केंद्र का लाइसेंस स्थायी रूप से निरस्त कर दिया गया है।

कलेक्टर जन्मेजय महोबे के निर्देशन में कृषि विभाग द्वारा जिलेभर में निजी कृषि केंद्रों का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। उप संचालक कृषि राकेश शर्मा ने बताया कि निरीक्षण का उद्देश्य किसानों को शासकीय दर पर गुणवत्तापूर्ण खाद उपलब्ध कराना तथा कालाबाजारी और अनियमितताओं पर रोक लगाना है।

निरीक्षण के दौरान मेसर्स राजेश ट्रेडर्स नवागढ़, मेसर्स पटेल कृषि केंद्र तुस्मा, मेसर्स रोशन कुमार अग्रवाल पोड़ी, मेसर्स विकास ट्रेडर्स खरौद और मेसर्स प्रकाश कृषि केंद्र खरौद में कई अनियमितताएं पाई गईं। जांच में पॉस मशीन में दर्ज उर्वरक स्टॉक और वास्तविक स्टॉक का मिलान नहीं होना, किसानों को सत्यापित कैश मेमो जारी नहीं करना, लाइसेंस प्रदर्शित नहीं करना, उर्वरक वितरण रजिस्टर का संधारण नहीं करना तथा निर्धारित मूल्य सूची बोर्ड नहीं लगाना जैसी खामियां सामने आईं।

कृषि विभाग द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने के बावजूद संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर इन पांचों कृषि केंद्रों के उर्वरक विक्रय लाइसेंस 21 दिनों के लिए निलंबित कर दिए गए हैं।

वहीं, मेसर्स अभिषेक एग्रो, कटनई (विकासखंड अकलतरा) के निरीक्षण में पॉस मशीन में दर्ज उर्वरक स्टॉक और वास्तविक उपलब्धता में भारी अंतर पाया गया। साथ ही पिछले दो वर्षों से उर्वरक व्यवसाय संचालित नहीं किए जाने की भी पुष्टि हुई। उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 के विभिन्न प्रावधानों के उल्लंघन के चलते संबंधित केंद्र का उर्वरक विक्रय लाइसेंस स्थायी रूप से निरस्त कर दिया गया है।

कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हितों के संरक्षण तथा उर्वरक वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए निरीक्षण और कार्रवाई की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।

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