जांजगीर-चांपा में जनगणना 2027 की शुरुआत: कलेक्टर महोबे ने भरा स्व-गणना फॉर्म, 16 अप्रैल से ऑनलाइन सुविधा शुरू

अब घर बैठे भरें ऑनलाइन फॉर्म
जांजगीर-चांपा, 17 अप्रैल 2026। देश में आगामी जनगणना 2027 की तैयारियां तेजी से चल रही हैं और इसी कड़ी में जिले में 16 अप्रैल से स्व-गणना (Self Enumeration) प्रक्रिया की शुरुआत हो गई है। इस बार पहली बार नागरिकों को अपनी जनगणना संबंधी जानकारी खुद ऑनलाइन भरने की सुविधा दी गई है, जिससे पूरी प्रक्रिया अधिक सरल और डिजिटल हो गई है।

जिले के कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने स्वयं ऑनलाइन स्व-गणना प्रपत्र भरकर इस पहल की शुरुआत की। उन्होंने बताया कि नागरिक अब अपने मोबाइल या कंप्यूटर के माध्यम से आधिकारिक पोर्टल पर जाकर आसानी से अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं।
घर बैठे ऐसे भरें स्व-गणना फॉर्म
स्व-गणना के लिए नागरिक निर्धारित वेब पोर्टल पर जाकर अपनी व्यक्तिगत, पारिवारिक और आवास से जुड़ी जानकारी भर सकते हैं। फॉर्म सबमिट करने के बाद एक यूनिक आईडी प्राप्त होगी, जिसे प्रगणक के सत्यापन के दौरान दिखाना आवश्यक होगा।
यह सुविधा खासतौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद है जो समय बचाना चाहते हैं और डिजिटल माध्यम का उपयोग करते हैं।
ऑनलाइन नहीं भर पाए तो घर आएंगे प्रगणक
जिन नागरिकों को ऑनलाइन फॉर्म भरने में परेशानी होगी, उनके लिए भी व्यवस्था की गई है।
1 मई से 30 मई 2026 के बीच प्रगणक घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करेंगे।
इस दौरान HLO (हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन) के तहत मकानों की गणना भी की जाएगी।
प्रगणक इस कार्य के लिए विशेष मोबाइल एप का उपयोग करेंगे, जिससे डाटा संग्रहण और भी सटीक होगा।
डेटा रहेगा पूरी तरह गोपनीय
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि जनगणना में दी गई सभी जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। यह डेटा केवल सरकारी योजनाओं, नीतियों और संसाधनों के सही वितरण के लिए उपयोग किया जाएगा।
दो चरणों में पूरी होगी प्रक्रिया
जनगणना 2027 को दो चरणों में पूरा किया जाएगा:
- पहला चरण (1 मई – 30 मई 2026):
मकान सूचीकरण और गणना (HLO) - दूसरा चरण:
स्व-गणना और फील्ड सर्वे के डेटा का सत्यापन
इस दौरान पर्यवेक्षक और चार्ज अधिकारी द्वारा बहुस्तरीय जांच की जाएगी, ताकि किसी भी प्रकार की त्रुटि न हो।
क्यों जरूरी है जनगणना?
जनगणना के आंकड़े देश के विकास की नींव माने जाते हैं।
सरकारी योजनाओं का निर्धारण
संसाधनों का सही वितरण
शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार की नीतियां
इन सभी में जनगणना डेटा की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
इस बार की जनगणना प्रक्रिया डिजिटल और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। स्व-गणना सुविधा से नागरिकों को न केवल सुविधा मिलेगी, बल्कि समय की भी बचत होगी।
अगर आप भी अभी तक फॉर्म नहीं भरे हैं, तो जल्द से जल्द ऑनलाइन स्व-गणना कर लें, ताकि बाद में किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।





