छत्तीसगढ़

बिर्रा पुलिस ने चंद घंटों में किया 2.21 लाख की चोरी के झूठे मामले का खुलासा, कर्ज से बचने के लिए रची थी साजिश

जांजगीर-चांपा / जिले के बिर्रा थाना क्षेत्र में 2 लाख 21 हजार रुपये की कथित चोरी के मामले का पुलिस ने चंद घंटों में ही पर्दाफाश कर दिया। जांच में सामने आया कि आवेदक ने कर्जदारों को रकम लौटाने से बचने के लिए खुद ही चोरी की झूठी कहानी रची थी। पुलिस की सतर्कता और मनोवैज्ञानिक पूछताछ से पूरा मामला उजागर हो गया।

पुलिस के मुताबिक ग्राम बनडभरा निवासी नरेश भारद्वाज ने 9 मई 2026 को थाना बिर्रा पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई थी कि उसने अपनी जमीन बेचकर मिले 2,21,000 रुपये घर की अलमारी में रखे थे। रात में अज्ञात चोर घर में घुसकर अलमारी को बाहर ले गए और उसमें रखी रकम चोरी कर ली।

आवेदन मिलने के बाद बिर्रा पुलिस तुरंत सक्रिय हुई। मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई, जिसके बाद पुलिस अधीक्षक निवेदिता पाल के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश कश्यप के मार्गदर्शन में टीम ने जांच शुरू की।

पुलिस जब मौके पर पहुंची और आवेदक व उसके परिवार से गहन पूछताछ की गई, तब नरेश भारद्वाज के बयान संदिग्ध लगे। पुलिस द्वारा सख्ती और मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछताछ करने पर उसने पूरी सच्चाई कबूल कर ली।

आरोपी ने बताया कि उसने गांव के कई लोगों से उधार लिया था और रकम लौटाने से बचने के लिए चोरी की फर्जी कहानी बनाई। उसने खुद ही अलमारी को घर से दूर क्षतिग्रस्त हालत में फेंक दिया था और पूरी रकम घर की छत में छिपाकर रख दी थी।

पुलिस के सामने आरोपी ने छिपाए गए 2 लाख 21 हजार रुपये बरामद कर दिए। बाद में पुलिस ने रकम को गवाहों और परिजनों की मौजूदगी में सुपुर्द कर दिया।

इस पूरे मामले का खुलासा करने में थाना प्रभारी जय कुमार साहू, एसआई टी.आर. जांगड़े, एसआई नरेंद्र शुक्ला, आरक्षक रघुवीर यादव, जनक कश्यप, दीपक तिवारी और महिला आरक्षक रितु लहरे की अहम भूमिका रही।

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