छत्तीसगढ़

जांजगीर-चांपा में शुरू हुआ विशेष अभियान: सड़क पर रहने वाले बच्चों की करें पहचान, एक कॉल से बदल सकती है उनकी जिंदगी

जांजगीर-चांपा में सड़क पर रहने वाले बच्चों, बाल श्रमिकों और भिक्षावृत्ति में लिप्त बच्चों के पुनर्वास के लिए विशेष अभियान शुरू। चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 सहित इन नंबरों पर दें सूचना।

जांजगीर-चांपा। क्या आपने कभी किसी बच्चे को कचरा बीनते, भीख मांगते, नशे की गिरफ्त में या सड़क किनारे असुरक्षित परिस्थितियों में जीवन बिताते देखा है? यदि हां, तो अब आपकी एक सूचना उस बच्चे का भविष्य बदल सकती है। जांजगीर-चांपा जिले में ऐसे बच्चों की पहचान और पुनर्वास के लिए विशेष अभियान शुरू किया गया है।

कलेक्टरजन्मेजय महोबे के निर्देशन और जिला कार्यक्रम अधिकारी अनिता अग्रवाल के मार्गदर्शन में जिले में 1 जून से 30 जून 2026 तक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य सड़क जैसी परिस्थितियों में रहने वाले बच्चों, बाल श्रमिकों, कचरा बीनने वाले बच्चों, भिक्षावृत्ति और नशे की चपेट में आए बच्चों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना और उनका स्थायी पुनर्वास सुनिश्चित करना है।

जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा विभिन्न विभागों के सहयोग से रेस्क्यू टीम का गठन किया गया है। टीम जिले के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, मंदिरों, बाजारों, स्लम बस्तियों और अन्य चिन्हित स्थानों पर सर्वेक्षण कर बच्चों की पहचान कर रही है।

अभियान के तहत खोखरा मंदिर, नहरिया बाबा मंदिर, शांति नगर सहित अन्य चिन्हित क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जा रही है। साथ ही स्कूल छोड़ चुके बच्चों (ड्रॉप आउट) की जानकारी भी एकत्रित की जा रही है ताकि उन्हें दोबारा शिक्षा और संरक्षण की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके।

अधिकारियों ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं कोई बच्चा बाल मजदूरी करता हुआ, कचरा बीनता हुआ, भीख मांगता हुआ, नशे की लत में या सड़क पर असुरक्षित स्थिति में दिखाई दे तो इसकी सूचना तत्काल संबंधित विभाग को दें।

इन नंबरों पर तुरंत दें सूचना

📞 चाइल्ड हेल्पलाइन – 1098
📞 9827771819
📞 8963997174

प्रशासन का कहना है कि समाज के हर नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह बच्चों के अधिकारों की रक्षा में सहयोग करे। आपकी एक सूचना किसी बच्चे को शोषण, गरीबी और असुरक्षा से निकालकर बेहतर भविष्य की ओर ले जा सकती है।

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