
जांजगीर-चांपा / प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत मकान नहीं बनने और किस्त जारी न होने से परेशान एक ग्रामीण ने कलेक्टर जनदर्शन में आवेदन देकर न्याय की मांग की है। मामला जांजगीर-चांपा जिले का है, जहां ग्राम सिलादेही निवासी एक युवक ने आरोप लगाया है कि उसे योजना का लाभ नहीं मिल रहा और उल्टा दबाव बनाया जा रहा है।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार ग्राम सिलादेही थाना बिर्रा, जिला जांजगीर-चांपा निवासी लाला केवट (उम्र 37 वर्ष) ने 10 फरवरी 2026 को कलेक्टर कार्यालय में आवेदन सौंपा। आवेदन में उन्होंने बताया कि वह आर्थिक रूप से कमजोर हैं और प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत मकान निर्माण के लिए पात्र हैं।
उन्होंने आरोप लगाया है कि योजना के तहत आवास स्वीकृत होने के बावजूद मकान निर्माण में बाधा आ रही है। पहली किस्त बैंक खाते में आने के बाद भी निर्माण नहीं हो पा रहा है। जमीन उपलब्ध कराने की मांग की जा रही है. वही अधिकारियों द्वारा किस्त वापस कराने के लिए दबाव बनाया जा रहा है।
आवेदक ने प्रशासन से मांग की है कि उन्हें शासन की योजना के अनुसार 1 से 3 डिसमिल भूमि उपलब्ध कराई जाए ताकि वह आवास निर्माण कर सकें।
जनदर्शन में पहुंचा मामला
आवेदन पर कलेक्टर कार्यालय की मुहर 10 फरवरी 2026 दर्ज है। अब यह देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है।
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) क्या है?
प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY-G) केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के गरीब परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराना है। पात्र हितग्राहियों को किस्तों में आर्थिक सहायता दी जाती है।





